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वायर-केबल शेयरों में बढ़ा मुकाबला! अल्ट्राटेक की एंट्री के बाद इन 3 शेयरों पर ब्रोकरेज ने बदली चाल

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अल्ट्राटेक की अल्ट्रावोल्ट ब्रांड के साथ वायर-केबल बाजार में एंट्री के बाद Polycab, KEI Industries और RR Kabel पर मुकाबला बढ़ा है

Last Updated- September 09, 2026 | 1:36 PM IST
Cable and Wires Stocks Pick

 Wire and Cable Stocks: भारत के करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये के तार और केबल बाजार में मुकाबला तेज होने वाला है। सीमेंट कारोबार की दिग्गज अल्ट्राटेक सीमेंट ने ‘अल्ट्रावोल्ट’ ब्रांड के साथ इस बाजार में कदम रखा है। कंपनी ने 1,800 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है और अगले पांच साल में देश की शीर्ष दो तार और केबल कंपनियों में शामिल होने का टारगेट रखा है। इसके बाद पॉलीकैब इंडिया, केईआई इंडस्ट्रीज और आरआर केबल जैसे शेयरों पर निवेशकों की नजर है।

सेंट्रम ब्रोकिंग का मानना है कि फिलहाल बड़ी कंपनियों की बिक्री पर अल्ट्रावोल्ट का बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। असली चिंता बढ़ती प्रतिस्पर्धा से कंपनियों के मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव की है। ब्रोकरेज ने पॉलीकैब और आरआर केबल पर खरीदारी की राय रखी है, जबकि केईआई पर न्यूट्रल रेटिंग दी है।

कितना बड़ा है तार और केबल बाजार?

सेंट्रम के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का तार और केबल बाजार करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये का था। पिछले 10 साल में यह करीब 11 फीसदी सालाना की दर से बढ़ा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि करीब 13 फीसदी सालाना वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2028-29 तक यह बाजार लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है। बिजली, रियल एस्टेट, रेलवे, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन और अक्षय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों से मांग बढ़ने की उम्मीद है।

अल्ट्राटेक की क्या है तैयारी?

अल्ट्राटेक ने गुजरात के भरूच में अपना प्लांट तय समय से करीब तीन महीने पहले शुरू किया और 1 सितंबर 2026 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया। शुरुआती क्षमता करीब 11 लाख किलोमीटर है।

अल्ट्राटेक के लिए उसका मौजूदा नेटवर्क बड़ी ताकत बन सकता है। मकान बनाते समय सीमेंट पहले खरीदा जाता है और तारों की जरूरत करीब छह महीने बाद पड़ती है। इसलिए सीमेंट की बिक्री से कंपनी को पहले ही अंदाजा लग सकता है कि आगे कहां तारों की मांग बढ़ेगी। कंपनी शुरुआत में ही 500 जिलों और 6,000 पिन कोड तक पहुंचने की तैयारी में है।

यह भी पढ़ें | NSE के सस्ते IPO की खबर से BSE में खलबली! शेयर 4% टूटा, ब्रोकरेज ने बताया अगला टारगेट

Polycab, KEI और RR Kabel पर कितना असर?

सेंट्रम के मुताबिक पॉलीकैब तीनों में मजबूत स्थिति में दिखाई देती है। इसके तार और केबल कारोबार में करीब 75 फीसदी बिक्री केबल से आती है। कंपनी के पास 3,900 से ज्यादा डीलर-वितरक और 1.9 लाख से ज्यादा दुकानों का नेटवर्क है। सामान्य स्थिति में नई प्रतिस्पर्धा से पॉलीकैब की प्रति शेयर कमाई पर 4 से 6 फीसदी असर पड़ने का अनुमान है। बेहद खराब स्थिति में असर करीब 10 फीसदी हो सकता है। ब्रोकरेज ने शेयर पर खरीदारी की राय और 9,465 रुपये का टारगेट दिया है।

केईआई की करीब 70 फीसदी तार-केबल बिक्री केबल से आती है। सेंट्रम के मुताबिक इसकी प्रति शेयर कमाई पर सामान्य स्थिति में 5 से 8 फीसदी और खराब स्थिति में 11.5 से 12.5 फीसदी असर पड़ सकता है। ब्रोकरेज ने न्यूट्रल रेटिंग के साथ 5,200 रुपये का टारगेट दिया है।

आरआर केबल का करीब 70 फीसदी कारोबार तारों से जुड़ा है, इसलिए अल्ट्रावोल्ट से इसका सीधा मुकाबला ज्यादा हो सकता है। सामान्य स्थिति में प्रति शेयर कमाई पर 6 से 8 फीसदी और खराब स्थिति में 12 से 13 फीसदी असर का अनुमान है। इसके बावजूद ब्रोकरेज ने खरीदारी की राय और 2,800 रुपये का टारगेट रखा है।

निवेशकों की असली चिंता क्या है?

सेंट्रम का अनुमान है कि अल्ट्रावोल्ट से इन तीनों कंपनियों की बिक्री पर केवल 1 से 5 फीसदी असर पड़ सकता है। लेकिन अल्ट्रावोल्ट डीलरों और वितरकों को बेहतर प्रोत्साहन दे रही है। ऐसे में मौजूदा कंपनियों को भी ज्यादा प्रोत्साहन देना पड़ सकता है। तांबा महंगा होने पर लागत पूरी तरह ग्राहकों पर डालना भी मुश्किल हो सकता है। इससे परिचालन मार्जिन पर 15 से 75 बेसिस अंक का दबाव पड़ने का अनुमान है।

निवेशकों के लिए इसलिए बिक्री के साथ मार्जिन, तांबे की कीमत और अल्ट्रावोल्ट की बाजार हिस्सेदारी पर नजर रखना अहम होगा। फिलहाल सेंट्रम की पसंद में पॉलीकैब और आरआर केबल पर खरीदारी, जबकि केईआई पर न्यूट्रल राय है।

कंपनी मौजूदा भाव (₹) रेटिंग टारगेट (₹) संभावित रिटर्न
Polycab India 8,327.00 Buy 9,465 13.7%
KEI Industries 4,640.00 Neutral 5,200 12.1%
RR Kabel 2,429.95 Buy 2,800 15.2%

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिजनेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता। निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने और जरूरत पड़ने पर निवेश सलाहकार की मदद लेने की सलाह दी जाती है।)

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First Published - September 9, 2026 | 1:20 PM IST

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