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ऑर्डर प्लेसमेंट में खामियां मिलने पर OFS नियम कड़े, एक्सचेंजों का नया निर्देश

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एक्सचेंजों ने कहा कि OFS से जुड़े सभी ऑर्डर, रिकॉर्ड और अधिकृत यूजर की निगरानी मजबूत की जाए, ताकि निवेशकों के हित सुरक्षित रहें और जोखिम कम हो

Last Updated- July 28, 2026 | 10:32 PM IST
Cochin Shipyard OFS
OFS प्रक्रिया में खामियों के बाद एक्सचेंजों ने निगरानी और नियंत्रण सख्त किए।

स्टॉक एक्सचेंजों ने ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) प्रक्रिया में कुछ कमियां देखने के बाद इसकी निगरानी और नियंत्रण को और सख्त कर दिया है। उन्होंने शेयर ब्रोकरों को निर्देश दिया है कि वे ऑर्डर प्लेसमेंट पर नियंत्रण और निगरानी को बेहतर बनाएं। 27 जुलाई को जारी नोटिस में एक्सचेंजों ने ब्रोकरों से कहा है कि वे ओएफएस लेनदेन से जुड़ी अपनी अंदरूनी प्रक्रियाओं और नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा करें।

एक्सचेंजों ने कहा, बाजार की निगरानी से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा के दौरान पाया गया है कि ऑफर फॉर सेल ऑर्डर देने की प्रक्रिया में कुछ कमियां हैं, खासकर बड़े मूल्य और इंस्टिट्यूशनल ऑर्डरों के मामले में। लेकिन, उन्होंने इन कमियों के बारे में ज्यादा नहीं बताया। निगरानी के उपाय के तौर पर निर्देश दिया गया है कि निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए ओएफएस बोली विंडो या ट्रेडिंग के समय बिना अग्रिम मार्जिन वाले सभी इंस्टिट्यूशनल ऑर्डरों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, ओएफएस से जुड़ी सभी गतिविधियों के लिए ऑडिट ट्रेल और रिकॉर्ड रखे जाएंगे।

एक्सचेंज ने ब्रोकरों से यह भी पक्का करने के लिए कहा है कि ओएफएस बिडिंग के लिए इस्तेमाल सभी टर्मिनलों पर वही एक्सेस कंट्रोल, निगरानी व्यवस्था और रिस्क मैनेजमेंट कंट्रोल लागू हों, जो पूंजी बाजार सेगमेंट में इस्तेमाल होने वाले टर्मिनल पर होते हैं।

ब्रोकरों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि क्लाइंटों की ओर से ओएफएस की बोली और ऑर्डर सिर्फ ट्रेडिंग टर्मिनल चलाने वाले अधिकृत कर्मचारियों के जरिये ही लगाए जाएं और जिनके टर्मिनल या यूजर की जानकारी एक्सचेंज के पास पंजीकृत हो। एक्सचेंज ने कहा कि इन उपायों का मकसद निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाना, ऑर्डर प्लेस करने से जुड़े जोखिम कम करना और परिचालन संबंधी नियंत्रण मजबूत करना है।

ओएफएस का इस्तेमाल अक्सर प्रवर्तक और बड़े शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी कम करने के लिए करते हैं और उसमें बड़े लेनदेन और सख्त समय सीमा शामिल होती है। इसलिए मजबूत नियंत्रण बहुत जरूरी हो जाते हैं।

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First Published - July 28, 2026 | 10:32 PM IST

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