facebookmetapixel
Advertisement
विकास के अगले चरण के लिए भूमि व कारोबारी माहौल में सुधार जरूरी: प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में सरकार के 100 दिन, एमजीआर की याद दिला रहे विजयपश्चिम बंगाल में कारोबार को बढ़ावा, नई सरकार के पहले 100 दिन में निवेश पर जोर1991 के आ​र्थिक सुधारों से उद्योग को मिला प्रतिस्पर्धा का भरोसा, औद्योगिक और व्यापार नीति में तालमेल बिठाना जरूरीऑफर फॉर सेल के जरिये जुटाई गई रकम में उफान, LIC का अहम योगदानQ1 Results: लिस्टेड कंपनियों के मुनाफे में 16% की तेज बढ़त, BFSI और मेटल सेक्टर का बड़ा योगदानRBI के फैसले से बैंकों में हलचल, FCNR(B) जमा जुटाने की रफ्तार बढ़ीबाजार हलचल: प्री-आईपीओ शेयर, नया SLB कॉन्ट्रैक्ट और UPI नियम पर नजरजुलाई में बायोकॉन बनी MF की पसंदीदा स्मॉल-कैप खरीद, ₹3,300 करोड़ का निवेशराजस्व और मार्जिन के मोर्चे पर अपोलो से आगे मैक्स, मरीजों की बढ़ती संख्या से ग्रोथ को सहारा

Stock Market: युद्ध विराम पर चिंता से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 931 अंक टूटा

Advertisement

बंबई स्टॉक एक्सचेंज का बाजार पूंजीकरण 72,000 करोड़ रुपये घटकर 444.8 लाख करोड़ रुपये रहा

Last Updated- April 09, 2026 | 10:16 PM IST
Stock Market Today

अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम को लेकर अनि​श्चितता के बीच वैश्विक जोखिम भावना कमजोर पड़ने से शेयर बाजार में आज गिरावट देखी गई। बेंचमार्क सेंसेक्स 931 अंक या 1.2 फीसदी टूटकर 76,632 पर बंद हुआ। निफ्टी 222 अंक या 0.9 फीसदी के नुकसान के साथ 23,775 पर बंद हुआ। दोनों सूचकांकों में 30 मार्च के बाद एक दिन की सबसे तेज गिरावट आई है। एक दिन पहले बेंचमार्क सूचकांक करीब 4 फीसदी चढ़ गए थे और सेंसेक्स ने 1 फरवरी, 2021 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी छलांग लगाई थी।

उठापटक के बीच स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांक सकारात्मक दायरे में बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का बाजार पूंजीकरण 72,000 करोड़ रुपये घटकर 444.8 लाख करोड़ रुपये रहा। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 0.85 फीसदी बढ़कर 95.67 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं।

तेल के दाम बढ़ने से मुद्रास्फीति बढ़ने और बाह्य ​स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर युद्ध विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जिससे निवेशकों का रुख सतर्क हो गया।

विवाद लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल के सैन्य अभियानों को लेकर है और इस बारे में स्पष्टता नहीं है कि युद्ध विराम में लेबनान का मसला भी शामिल है या नहीं। बढ़ती बयानबाजी के बावजूद ऐसे शुरुआती संकेत मिले कि संघर्ष विराम काफी हद तक कायम है और फारस की खाड़ी क्षेत्र में हमलों में काफी कमी आई है।

बाजार में उठापटक के बीच मॉर्गन स्टैनली ने मध्यम अवधि के दृष्टिकोण को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा। मॉर्गन स्टैनली में इंडिया रिसर्च के प्रमुख और चीफ इंडिया इक्विटी स्ट्रेटेजिस्ट रिधम देसाई ने कहा कि बेहतर होते वृहद आ​र्थिक संकेत और आकर्षक मूल्यांकन के सहारे शेयर बाजार में तेज उछाल आने की संभावना है।

देसाई ने कहा कि बाजार एक बड़ी उछाल के लिए तैयार दिख रहा है। पिछले 12 महीने का प्रदर्शन इतिहास में सबसे खराब रहा है। इसकी वजह से मूल्यांकन अपने पिछले निचले स्तर पर है। उनका अनुमान है दिसंबर के अंत तक सेंसेक्स 95,000 के स्तर को छू सकता है।

बाजार का रुख मिलाजुला रहा। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 2,180 शेयर गिरावट में और 2,121 लाभ में रहे। निफ्टी ​फइनैं​शियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक सूचकांक में 1-1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। दूसरी ओर धातु और हेल्थकेयर शेयरों में तेजी देखी गई। एचडीएफसी बैंक में 2.3 फीसदी की गिरावट आई। सेंसेक्स करीब दो-तिहाई शेयर नुकसान में रहे।

विशेषज्ञों ने कहा कि निवेशकों के लिए मुख्य सवाल यही बना हुआ है कि क्या बातचीत से तनाव में स्थायी कमी आएगी और इस संघर्ष का वैश्विक वृद्धि तथा कंपनियों की कमाई पर इसका क्या असर पड़ेगा।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 1,711 करोड़ रुपये के शेयर बेचे और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 956 करोड़ रुपये की लिवाली की। यह लगातार दूसरा दिन है जब विदेशी निवेशकों की बिकवाली संघर्ष शुरू होने के बाद की जा रही हर दिन 7,000 करोड़ रुपये की औसत बिकवाली से कम है।

Advertisement
First Published - April 9, 2026 | 10:10 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement