Adani Total Gas Share: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (19 मार्च) को लगातार तीन ट्रेडिंग सेशन में बढ़त के बाद बड़ी गिरावट में खुले। बाजार में यह गिरावट अमेरिका और इजरायल के ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र और आसपास के ढांचे को निशाना बनाने के चलते आई। शुरुआती कारोबार में ही भारतीय बाजार में निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 431.33 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। जबकि पिछले सेशन में यह 438.63 लाख करोड़ रुपये था।
सेक्टोरल प्रदर्शन कमजोर रहा। सभी सेक्टर लाल रंग में कारोबार कर रहे थे। निफ्टी बैंक लगभग 3 प्रतिशत लुढ़क गया। इसके अलावा ऑटो, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट हुई। बाजार में डर को मापने वाला इंडिया वीआईएक्स (India VIX) 15 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 21 के स्तर को पार कर गया। यह निकट भविष्य में अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना का संकेत देता है।
हालांकि, बाजार में भारी तबाही के बावजूद अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी टोटल गैस (Adani total gas) के शेयर इंट्रा-डे ट्रेड में 13 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गए। वहीं, दोपहर 1:50 बजे अदाणी टोटल गैस के शेयर 45.15 अंक या 8.75 फीसदी की तेजी के साथ 561.10 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे।
गैस शेयरों में यह तेजी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बाद आई है। एनालिस्ट्स का कहना है कि ऊंची तेल कीमतों ने नेचुरल गैस को तुलनात्मक रूप से अधिक आकर्षक बना दिया है। इससे औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों से मांग बढ़ने की उम्मीद बढ़ी है।
साथ ही, संभावित सप्लाई बाधाओं को लेकर चिंताओं ने गैस कीमतों को सहारा दिया है। इससे सिटी गैस उत्पादकों के लिए माहौल मजबूत हुआ है। इस तरह, ऊर्जा बाजार में जारी उथल-पुथल के बीच यह क्षेत्र बेहतर प्रदर्शन करने वाले के रूप में उभर रहा है। बाजार के जानकारों के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच अदानी टोटल का ध्यान घरेलू आपूर्ति पर अधिक केंद्रित होता जा रहा है।
इससे पहले अदाणी टोटल ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया था कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में वृद्धि के बाद उसके कुछ गैस आपूर्तिकर्ताओं ने आपूर्ति में कटौती की है। कंपनी ने कहा कि इस कटौती से उसके औद्योगिक ग्राहकों को आपूर्ति प्रभावित हुई है।