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अगले साल 70,000 पर होगा सेंसेक्स

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 11:25 PM IST

मॉर्गन स्टैनली के विश्लेषकों ने एक नोट में कहा है कि उभरते बाजारों के मुकाबले भारतीय शेयर बाजार का उम्दा प्रदर्शन साल 2022 में थम सकता है लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि 2022 के आखिर तक सेंसेक्स 70,000 के स्तर को छू जाएगा। शोध व ब्रोकरेज फर्म ने हाल में भारत को अपने वैश्विक उभरते बाजारों के पोर्टफोलियो में डाउनग्रेड कर इक्वलवेट कर दिया है। मॉर्गन स्टैनली का मानना है कि पिछले 18 महीनों के फायदे को समाहित करने के लिए बाजार नरम हो सकता है।
मॉर्गन स्टैनली के भारतीय शोध प्रमुख व इक्विटी रणनीतिकार रिधम देसाई ने शीला राठी व नयंत पारिख के साथ लिखी रिपोर्ट में कहा है, भारत की मजबूत बढ़त व आर्थिक स्थिरता उसकी रेटिंग को आगे बढ़ा रहा है लेकिन अब हमारा मानना है कि उम्दा प्रदर्शन विराम ले सकता है क्योंंकि उभरते बाजारों के मुकाबले पिछले छह महीने का सापेक्षिक प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। बाजार का मूल्यांकन ऐतिहासिक दायरे के उच्च स्तर पर है और लगता है कि स्मॉल व मिडकैप शेयरों में उल्लास है।
मॉर्गन स्टैनली ने कहा, भारतीय इक्विटी कई चुनौतियां का सामना कर रही है, जिसमें अमेरिकी दरों का चक्र, तेल की बढ़ती कीमतें, प्रमुख राज्यों में चुनाव, कोविड की संभावित तीसरी लहर, देसी ब्याज दर, उच्च मूल्यांकन आदि शामिल हैं।
इन अवरोधों के बावजूद ब्रोकरेज भारत को लेकर तेजी का नजरिया बनाए हुए है और उम्मीद कर रहा है कि एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स दिसंबर 2022 तक 70,000 के स्तर पर पहुंच जाएगा और तेजी के परिदृश्य में 80,000 के स्तर तक भी जा सकता है। इसके अलावा मंदडिय़ों का दौर रहा तो यह करीब 50,000 के आसपास रह सकता है।
कैलेंडर वर्ष 2021 में बीएसई सेंसेक्स 25 फीसदी चढ़ा है और स्मॉल व मिडकैप सूचकांकों में क्रमश: 45 व 59 फीसदी की तेजी आई है। ऐस इक्विटी के आंकड़ोंं से यह जानकारी मिली। बिजली, रियल्टी, धातु और पूंजीगत सामान के सूचकांक उम्दा प्रदर्शन करने वालोंं में रहे हैं और इनमें इस दौरान 51 से 73 फीसदी तक की उछाल आई है।  
कंपनियों की आय
मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक, सरकारी नीति में नाटकीय बदलाव की पृष्ठभूमि में भारत लाभ के नए चक्र में प्रवेश कर गया है। यह नीति सकल घरेलू उत्पाद में लाभ साझा करने की बात करता है। आने वाले समय में इंडेक्स का रिटर्न आय की रफ्तार से पिछड़ सकता है। मॉर्गन स्टैनली ने कहा, 10 फीसदी सालाना की रफ्तार से बढऩे वाली अर्थव्यवस्था में अगर जीडीपी मेंं लाभ साझेदारी अगले चार से पांच वर्षों में 3.5 फीसदी के लंबी अवधि के औसत पर पहुंचती है तो यह व्यापक बाजार के लिए हमें 20 से 25 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि की आय देता है। हम अगले कुछ वर्षों में सालाना 27 फीसदी चक्रवृद्धि की रफ्तार से आय में बढ़त की उम्मीद कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2022 के लिए आय अनुमान 7 फीसदी घटाया गया है लेकिन वित्त वर्ष 23 के आंकड़े अपरिवर्तित हैं।

First Published : November 19, 2021 | 11:53 PM IST