facebookmetapixel
Advertisement
पश्चिम एशिया संकट से वैश्विक तेल बाजार घाटे में पहुंचने की आशंकामजदूरों को वापस बुलाने के लिए कंपनियां दे रहीं फ्री फ्लाइट और ज्यादा सैलरी, फिर भी नहीं लौट रहे लोगरुपये में लगातार गिरावट से बढ़ी टेंशन, बाजार को अब 96 प्रति डॉलर का डरबीमा कंपनियों का पहला काम सुरक्षा उत्पाद बेचना होना चाहिए: SBI MDQ4 Results: Airtel का मुनाफा गिरा लेकिन Tata Motors, HPCL और Oil India ने दिखाई जबरदस्त कमाईUber और Adani की बड़ी साझेदारी, भारत में बनेगा कंपनी का पहला डेटा सेंटरREL इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में रश्मि सलूजा को सेबी का बड़ा झटका, ₹2 करोड़ की अवैध कमाई लौटाने का निर्देशविदेश यात्रा घटी तो लीला पैलेसेज को मिला बड़ा फायदा, घरेलू लग्जरी ट्रैवल में जबरदस्त उछालबाजार गिरा तो निवेशकों ने लगाया रिकॉर्ड पैसा, म्युचुअल फंड में आई जबरदस्त खरीदारीधोखाधड़ी के मामलों में भुगतान रोकने पर ब्रोकरों ने मांगा सेबी से स्पष्टीकरण

SEBI ने AIF से निवेशकों को ‘डायरेक्ट प्लान’ का विकल्प देने को कहा

Advertisement
Last Updated- April 11, 2023 | 4:28 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने खर्च में पारदर्शिता लाने और गलत तरीके से बिक्री पर लगाम लगाने के लिए वैकल्पिक निवेश कोषों (AIF) से निवेशकों को ‘डायरेक्ट प्लान’ का विकल्प देने को कहा है।

इसके अलावा, SEBI ने कमीशन वितरण के लिए चरणबद्ध मॉडल शुरू करने को भी कहा है और AIF के निवेश से किसी निवेशक को बाहर निकलने के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए हैं।

नियामक ने कुछ उद्योग व्यवहार के संबंध में निजी नियोजन ज्ञापन (PPM) में असंगतता और पर्याप्त खुलासे की कमी के मद्देनजर ये दिशानिर्देश जारी किए हैं।

SEBI ने दो अलग-अलग परिपत्रों में कहा है कि नए नियमों का मकसद AIF में निवेश के लिए निवेशकों को लचीलापन देना, खर्च में पारदर्शिता लाना और गलत बिक्री को रोकना है।

‘डायरेक्ट प्लान’ से संबंधित ढांचा एक मई से लागू होगा, जबकि AIF निवेश से निवेशक को बाहर करने से संबंधित ढांचा तुरंत प्रभावी हो जाएगा।

Advertisement
First Published - April 11, 2023 | 4:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement