SBI Funds Management Share Price: भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल SBI Funds Management के शेयर में शुक्रवार के कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। इंट्राडे ट्रेडिंग में कंपनी का शेयर गिरकर अपने IPO इश्यू प्राइस 574 रुपये से भी नीचे पहुंच गया। लिस्टिंग के बाद यह पहला मौका है जब शेयर इश्यू प्राइस के नीचे कारोबार करता नजर आया। वहीं, लिस्टिंग के दिन बनाए गए उच्च स्तर से शेयर करीब 8 प्रतिशत तक फिसल चुका है।
शुक्रवार के कारोबार में SBI Funds Management का शेयर करीब 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 572.15 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली और सुबह करीब 10:18 बजे यह 574.05 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी दौरान बीएसई सेंसेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई।
एनएसई और बीएसई पर कंपनी के करीब 18 लाख शेयरों में कारोबार हुआ, जिससे निवेशकों की सक्रियता भी देखने को मिली।
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SBI Funds Management का शेयर लिस्टिंग के बाद 21 जुलाई 2026 को 625 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचा था। लेकिन उसके बाद लगातार मुनाफावसूली और बाजार के दबाव के चलते शेयर में गिरावट आई। मौजूदा स्तर पर यह अपने लिस्टिंग हाई से करीब 8 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।
ब्रोकरेज की राय: लंबी अवधि में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद
Equirus Securities का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के दौरान म्यूचुअल फंड उद्योग के औसत तिमाही एसेट अंडर मैनेजमेंट (AQAAUM) में 16 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) देखने को मिल सकती है। वहीं, इक्विटी AQAAUM में करीब 17 प्रतिशत CAGR की वृद्धि का अनुमान है। ब्रोकरेज के मुताबिक, इस दौरान कंपनी की रेवेन्यू में 14 प्रतिशत और EBITDA में 15 प्रतिशत CAGR की बढ़ोतरी हो सकती है।
ब्रोकरेज का मानना है कि 50 प्रतिशत से अधिक डिविडेंड पेआउट रेशियो के चलते कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 40 प्रतिशत से ऊपर बना रह सकता है। Equirus Securities ने SBI Funds Management को एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री की सबसे मजबूत कंपनियों में से एक बताते हुए इस पर ‘LONG’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने मार्च 2027 के लिए शेयर का 627 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। हालांकि, बाजार में कमजोरी, म्यूचुअल फंड स्कीमों का कमजोर प्रदर्शन और नियामकीय बदलाव को कंपनी के लिए प्रमुख जोखिम बताया गया है।
Systematix Institutional Equities की क्या है राय?
Systematix Institutional Equities ने अपनी IPO रिपोर्ट में कहा है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और Amundi Asset Management के मजबूत समर्थन के कारण SBI Funds Management ने रिटेल, संस्थागत और वैकल्पिक एसेट मैनेजमेंट सेगमेंट में मजबूत स्थिति बनाई है। ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी का व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, देशभर में मजबूत ग्राहक पहुंच और भरोसेमंद ब्रांड इसे घरेलू बचत के वित्तीय परिसंपत्तियों की ओर बढ़ते रुझान का बड़ा लाभार्थी बना सकते हैं। खासतौर पर मेट्रो शहरों के साथ-साथ B-30 बाजारों में कंपनी की मजबूत मौजूदगी इसकी विकास संभावनाओं को और मजबूत करती है।
ICICI Securities ने क्या कहा?
ICICI Securities के अनुसार, SBI Funds Management एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM), सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) और पैसिव एसेट्स के मामले में देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। कंपनी का विविध प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और बेहतर परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) इसकी प्रमुख ताकत है।
हालांकि, ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की कमाई काफी हद तक इक्विटी बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है। इसके अलावा, यदि भविष्य में म्युचुअल फंड शुल्क (Fee) से जुड़े नियमों में कोई बदलाव होता है, तो उसका असर कंपनी की आय और मुनाफे पर पड़ सकता है।
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*Disclaimer: इस शेयर पर व्यक्त किए गए विचार और अनुमान संबंधित ब्रोकरेज फर्मों के हैं। Business Standard Hindi इनकी पुष्टि या समर्थन नहीं करता। निवेश से पहले अपनी समझ और विवेक का इस्तेमाल करें।