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AI का सबसे बड़ा डर खत्म? अब TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro के लिए क्या बदलने वाला है?

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क्या AI का सबसे बड़ा खतरा अब खत्म हो रहा है? Cognizant की नई रिपोर्ट में AI, नए प्रोजेक्ट, ग्रोथ और IT सेक्टर के भविष्य को लेकर बड़े संकेत मिले हैं

Last Updated- July 31, 2026 | 8:30 AM IST
IT Stocks

पिछले डेढ़-दो साल से आईटी सेक्टर के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों की कमाई और नौकरियों पर भारी पड़ेगा? AI की वजह से प्रोजेक्ट तेजी से पूरे हो रहे हैं, इसलिए ग्राहकों ने कीमतें कम कराने का दबाव भी बढ़ा दिया। इससे निवेशकों को डर था कि TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro जैसी कंपनियों की ग्रोथ लंबे समय तक सुस्त रह सकती है। लेकिन अब इस डर को लेकर एक नई तस्वीर सामने आई है।

क्या है पूरा मामला?

ICICI Securities की नई रिपोर्ट में Cognizant के ताजा नतीजों के आधार पर कहा गया है कि AI की वजह से जो सबसे बड़ा दबाव कीमतों और कमाई पर पड़ना था, उसका बड़ा हिस्सा शायद अब पीछे छूट चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की कुल कमाई का केवल करीब 25 फीसदी हिस्सा ही अभी पुराने, AI से पहले वाले कॉन्ट्रैक्ट पर है। अगले 12 से 18 महीनों में इनकी भी नई कीमतें तय हो जाएंगी। इसके बाद कंपनियों की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि AI से उन्हें कितना नया कारोबार मिलता है।

Cognizant का कहना है कि उसके कई प्रोजेक्ट हर 6 से 15 महीने में नए सिरे से तय होते हैं। इन प्रोजेक्ट्स में AI की वजह से लागत कम होने का असर पहले ही दिख चुका है। वहीं कुछ बड़े प्रोजेक्ट 2 से 3 साल में रिन्यू होते हैं। इनमें भी अगले 12 से 18 महीनों में नई कीमतें तय होंगी। इसके बाद कंपनी की कमाई इस बात पर ज्यादा निर्भर करेगी कि AI की मदद से उसे कितना नया काम मिलता है।

क्या AI अब सिर्फ खतरा नहीं, कमाई का मौका भी है?

रिपोर्ट के मुताबिक, Cognizant में अब 40 फीसदी से ज्यादा सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट AI की मदद से हो रहा है। कंपनी फिलहाल 8,000 से ज्यादा AI प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इसके लिए उसने AI की अलग टीम भी बनाई है, जो नए AI प्रोडक्ट और सर्विस तैयार कर रही है। इसका मतलब साफ है कि AI अब सिर्फ खर्च घटाने का जरिया नहीं रहा। अब कंपनियां AI के दम पर नए ग्राहक जोड़ने, नई सेवाएं देने और नया कारोबार बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।

भारतीय IT कंपनियों के लिए इसका क्या मतलब?

कंपनी FY26/CY25 ग्रोथ FY27/CY26 गाइडेंस/अनुमान
Cognizant 6.4% 4%–5.5% (ऑर्गेनिक 2.5%–4%)
TCS -2.4% 3.0%
Infosys 3.1% 1.5%–3% (ऑर्गेनिक -0.2% से 2.8%)
HCLTech 3.9% 1%–4%

स्रोत: ICICI Securities, Company Data

अगर Cognizant का आकलन सही साबित होता है, तो TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro जैसी कंपनियों के लिए भी आने वाले समय में AI से जुड़ा सबसे बड़ा दबाव धीरे-धीरे कम हो सकता है। इसके बाद निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कौन-सी कंपनी AI की मदद से सबसे ज्यादा नए ऑर्डर और नए ग्राहक जोड़ पाती है।

हालांकि ICICI Securities अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। ब्रोकरेज का मानना है कि कमजोर वैश्विक माहौल और AI की वजह से कीमतों पर दबाव का जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसलिए उसने बड़े IT शेयरों को लेकर सतर्क रुख बनाए रखा है।

एक और बड़ा संकेत

रिपोर्ट के मुताबिक, Cognizant का बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़ा कारोबार 11.5 फीसदी बढ़ा है, जो कई भारतीय आईटी कंपनियों से बेहतर है। ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक और वित्तीय कंपनियां सबसे तेजी से AI अपना रही हैं। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में आईटी कंपनियों को इस सेक्टर से ज्यादा नए प्रोजेक्ट और ज्यादा काम मिल सकता है।

निवेशकों के लिए क्या देखना होगा?

अब सिर्फ खर्च घटाना ही काफी नहीं होगा। निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि AI की मदद से कौन-सी IT कंपनी सबसे ज्यादा नए प्रोजेक्ट और नए ग्राहक जोड़ पाती है। यानी आने वाली तिमाहियों में TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro की असली परीक्षा नए कारोबार को लेकर होगी।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - July 31, 2026 | 8:11 AM IST

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