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चीन में कोविड चिंताएं बढ़ने से रुपया हुआ कमजोर

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Last Updated- December 10, 2022 | 11:12 AM IST

सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 0.2 प्रतिशत कमजोर हो गया। चीन में कोविड-19 मामले बढ़ने से दुनिया की इस दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में सख्ती बढ़ने की आशंका गहरा गई हैं, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं के लिए आकर्षण कम हो रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कई सदस्यों द्वारा ब्याज दरों में लगातार वृद्धि का समर्थन किए जाने से भी रुपये की कमजोरी को बढ़ावा मिला, क्योंकि डॉलर सूचकांक में तेजी आई है। 
सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 81.85 पर बंद हुआ, जबकि शुक्रवार को यह 81.69 पर था। 2022 में अब तक घरेलू मुद्रा में डॉलर के मुकाबले 9.2 प्रतिशत की कमजोरी आई है। चीन में कोविड-19 के मामलों में तेजी आई है और इसे देखते हुए वहां आधिकारिक बयानों में इस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए आवाजाही नियंत्रित करने की चेतावनी दी गई है। इस वजह से चीन की मुद्रा युआन में बड़ी गिरावट आई है और आर्थिक वृद्धि पर कोविड की सख्ती की चिंताओं के बीच यह करीब 0.6 प्रतिशत तक गिर गई। 
युआन में गिरावट का असर अक्सर अन्य उभरते बाजार की मुद्राओं पर भी देखा जाता है। वैश्विक जोखिम बढ़ने के साथ साथ ऊंची ब्याज दरों पर फेडरल के रुख से भी निवेशकों ने अमेरिकी मुद्रा की सुरक्षा पर जोर दिया और भारतीय कारोबारी समय के दौरान डॉलर सूचकांक चढ़कर 107.90 की ऊंचाई पर पहुंच गया। शुक्रवार को यह सूचकांक 106.46 अंक पर था।

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First Published - November 21, 2022 | 10:28 PM IST

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