मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ किताब के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर क्रिप्टो और ग्लोबल मार्केट को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करके कहा कि दुनिया अब इतिहास की सबसे बड़ी फाइनेंशियल बबल के कगार पर खड़ी है। उनका मानना है कि यह बबल बहुत जल्द फटने वाली है, और उसके बाद बिटकॉइन, इथेरियम, गोल्ड और सिल्वर जैसी चीजों की कीमतें आसमान छू लेंगी।
कियोसाकी का कहना है कि 2008 के फाइनेंशियल क्राइसिस को कभी ठीक से सुलझाया नहीं गया। उस वक्त सिर्फ प्रिंटिंग मशीन चलाकर पैसे बांटे गए, लेकिन असली समस्या को छिपा दिया गया। अब वो बबल इतना बड़ा हो चुका है कि जब फटेगा, तो सब कुछ बदल जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि क्रैश आएगा या नहीं, ये सवाल नहीं रहा, बस कब आएगा, ये देखना बाकी है।
क्रैश के एक साल बाद कीमतों के बारे में उन्होंने जो आंकड़े दिए, वो काफी चौंकाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि बिटकॉइन की कीमत 7,50,000 डॉलर (लगभग 7.5 लाख डॉलर) तक पहुंच सकती है। अभी बिटकॉइन करीब 70,000 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है, यानी ये करीब 10 गुना बढ़ोतरी होगी। इथेरियम के लिए उनका टारगेट 95,000 डॉलर है, जो आज की कीमत करीब 2,100-2,300 डॉलर से लगभग 45 गुना ज्यादा है।
कियोसाकी ने यह भी कहा कि गोल्ड 35,000 डॉलर प्रति औंस और सिल्वर 200 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। उनका कहना है कि जब लोगों का भरोसा फिएट करेंसी जैसे डॉलर से हटेगा, तो वे अपना पैसा ऐसी जगह लगाएंगे जहां सप्लाई सीमित है, जैसे बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर।
उन्होंने कहा कि वो खुद भी इस पर अमल कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने 67,000 डॉलर के आसपास एक और बिटकॉइन खरीदा है। यहां तक कहा कि अगर कीमत 6,000 डॉलर तक गिरे, तो वो और खरीदेंगे।
हालांकि कई लोग उनकी बातों पर भरोसा नहीं करते। आलोचकों का कहना है कि कियोसाकी पिछले 10–15 साल से ऐसे क्रैश की चेतावनी देते आ रहे हैं, 2016 और 2020 में भी उन्होंने इसी तरह के दावे किए थे, लेकिन वैसा कुछ हुआ नहीं। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि ये सिर्फ ध्यान खींचने के लिए बड़े आंकड़े बताते हैं और इनके पीछे मजबूत आधार नहीं होता है।
फिर भी मौजूदा समय में बाजार के हालात ऐसे हैं कि उनकी बातों को पूरी तरह नजरअंदाज करना आसान नहीं है। फेडरल रिजर्व ने इस हफ्ते ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की और आगे भी कम कटौती के संकेत दिए हैं। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ रहा है और बिटकॉइन का शेयर बाजार से जुड़ाव भी मजबूत हुआ है, इसलिए उनकी चेतावनी पर लोगों की नजर बनी हुई है।