भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद अप्रैल-जून तिमाही में रिटेल क्षेत्र का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्राहक खरीदारी के लिए दुकानों पर पहुंचे, जिससे कंपनियों की बिक्री बढ़ी। ब्रोकिंग फर्मों का कहना है कि आम उपभोक्ताओं से जुड़े उत्पादों की मांग अच्छी रही और नए स्टोर खुलने से भी रिटेल कंपनियों को फायदा मिला।
ज्वैलरी से जुड़े क्षेत्र से भी इस तिमाही में अच्छे नतीजों की उम्मीद है। सोने की ऊंची कीमतों के बावजूद शादी-ब्याह के सीजन और अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसरों पर खरीदारी बढ़ने से बिक्री मजबूत रही। हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि नई खरीदारी के लिए शुभ नहीं माने जाने वाले ‘अधिक मास’ की वजह से मांग पर कुछ असर जरूर पड़ा।
निर्मल बांग इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इस क्षेत्र के राजस्व के आंकड़े आने से पहले अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, ‘आम उपभोक्ताओं की मांग में अच्छा सुधार देखा गया है। इसका सबसे ज्यादा फायदा वी-मार्ट और बाटा जैसी कंपनियों को मिलेगा क्योंकि इनका कारोबार मुख्य रूप से इसी ग्राहक वर्ग पर आधारित है।’
वहीं ऐक्सिस डायरेक्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में रिटेल क्षेत्र का प्रदर्शन स्थिर और अच्छा रहने की उम्मीद है। नए स्टोर खुलने, दुकानों में ग्राहकों की बढ़ती आवाजाही और सस्ते से लेकर प्रीमियम उत्पादों तक मजबूत मांग इसका प्रमुख कारण है। हालांकि, ब्रोकरेज कंपनी का कहना है, ‘राजस्व वृद्धि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के अनुरूप है लेकिन मुनाफे पर दबाव बना रह सकता है।
इसकी वजह प्रचार-प्रसार पर बढ़ता खर्च, कुछ इलाकों में खराब मौसम और परिचालन लागत में बढ़ोतरी है।’ रिपोर्ट के मुताबिक, वी-मार्ट जैसी वैल्यू रिटेल कंपनियों को छोटे शहरों में बढ़ती मांग, पुराने स्टोरों की बेहतर बिक्री (एसएसएसजी) और लगातार नए स्टोर खोलने का फायदा मिलेगा। वहीं प्रीमियम रिटेल कंपनी एथोस मजबूत ब्रांड पहचान और संपन्न ग्राहकों की लगातार मांग के दम पर अपनी वृद्धि दर को बनाए रख सकती है।
पीएल कैपिटल ने इस क्षेत्र से जुड़ी रिपोर्ट में कहा है, ‘सोने की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से करीब 20 फीसदी नीचे आने के बावजूद अभी भी ऊंची हैं। ऐसे में ज्वैलरी क्षेत्र इस तिमाही में भी दो अंकों की मजबूत मूल्य वृद्धि दर्ज कर सकता है।’ वहीं ब्रोकिंग फर्म सिस्टमेटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी रिटेल ज्वैलरी कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है।
हालांकि, उसका कहना है कि बढ़ती लागत के कारण कंपनियों के मुनाफे का मार्जिन दबाव में रह सकता है। इस बीच टाइटन कंपनी ने अपनी तिमाही कारोबार से जुड़ी जानकारी में बताया कि उसके सभी ज्वैलरी ब्रांडों की बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। इस कंपनी के तहत तनिष्क और कैरटलेन जैसे ब्रांड आते हैं। टाइटन कंपनी ने कहा, ‘सादी और जड़ाऊ ज्वैलरी दोनों श्रेणियों की बिक्री में करीब 30-35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं निवेश के उद्देश्य से खरीदे जाने वाले सोने के सिक्कों की मांग भी दो अंकों की मजबूत रफ्तार से बढ़ती रही।’