एक और बड़ी कंपनी में डिमर्जर की घोषणा हुई है। इस बार यह देश की जानी-मानी अस्पताल कंपनी नारायण हृदयालय लिमिटेड है, जिसकी बाजार कीमत ₹38,812.20 करोड़ से ज्यादा है। सोमवार को कंपनी के शेयर बीएसई पर 1.54% बढ़कर ₹1899.20 पर ट्रेड कर रहे थे। 12 दिसंबर को शेयर बाजार को दी जानकारी में कंपनी ने बताया कि उसके बोर्ड ने बिजनेस को अलग करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत कंपनी का क्लिनिकल सर्विसेज बिजनेस अलग किया जाएगा।
इस डिमर्जर योजना में NH Integrated Care Private Limited (NHIC) और Narayana Hrudayalaya Limited (NHL) शामिल हैं। कंपनी ने बताया कि NHIC का क्लिनिकल सर्विसेज से जुड़ा कारोबार अब नारायण हृदयालय लिमिटेड में मिल जाएगा। क्लिनिकल सर्विसेज के तहत बेंगलुरु में चल रही 10 क्लीनिक आती हैं। इन क्लीनिकों में लोगों को इलाज, बीमारी से बचाव और लगातार देखभाल की सुविधा दी जाती है। हालांकि, नारायण आरोग्यम नाम की प्रिवेंटिव हेल्थ सेवा इस डिमर्जर में शामिल नहीं होगी और वह NHIC के पास ही रहेगी।
कंपनी के मुताबिक, मार्च 2025 में खत्म हुए साल में क्लिनिकल सर्विसेज बिजनेस का टर्नओवर ₹39.94 करोड़ रहा। यह कंपनी के कुल कारोबार का करीब 1% ही है। कंपनी का कहना है कि इस डिमर्जर के बाद वह प्रिवेंटिव हेल्थकेयर बिजनेस पर ज्यादा ध्यान दे पाएगी। इससे काम पर फोकस बढ़ेगा और आगे चलकर शेयरधारकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने साफ किया है कि डिमर्जर के बाद शेयरहोल्डिंग में कोई बदलाव नहीं होगा। NH Integrated Care कंपनी नारायण हृदयालय की 100% सब्सिडियरी बनी रहेगी।
कंपनी ने बताया कि डिमर्जर पूरा होने के बाद कोई नए शेयर शेयर बाजार में लिस्ट नहीं होंगे। क्योंकि यह डिमर्जर कंपनी के अंदर ही किया जा रहा है और इसमें किसी तरह का नया शेयर या पैसा शामिल नहीं है। Q2 FY26 में नारायण हृदयालय का मुनाफा 30% बढ़कर ₹258.49 करोड़ हो गया। वहीं कंपनी की कुल आय 17% बढ़कर ₹1,667.78 करोड़ रही। बेंगलुरु की इस कंपनी ने निवेशकों को पिछले कुछ सालों में अच्छा फायदा दिया है। पिछले एक साल में शेयर 48%, दो साल में 59% और तीन साल में 152% तक चढ़ चुका है।