सिगरेट बनाने वाली तीन बड़ी कंपनियों ITC, Godfrey Phillips और VST Industries ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। तीनों कंपनियों के मुनाफे में गिरावट आई है। इसके बावजूद Godfrey Phillips का शेयर लगातार पांच कारोबारी सत्रों से तेजी में है, जबकि ITC और VST Industries के शेयरों में ज्यादा हलचल नहीं दिखी। ऐसे में सवाल है कि क्या इस गिरावट के बाद सिगरेट शेयरों में निवेश का मौका बन रहा है या अभी इससे दूरी बनाकर रखनी चाहिए? आइए जानते हैं कि बाजार के जानकार क्या कह रहे हैं।
Godfrey Phillips का Q1 मुनाफा सालाना आधार पर 44 फीसदी घट गया। ITC का मुनाफा 15.6 फीसदी कम हुआ, जबकि VST Industries का शुद्ध मुनाफा 25 फीसदी गिर गया। विश्लेषकों का कहना है कि सिगरेट पर बढ़े टैक्स और कमजोर बिक्री की वजह से तीनों कंपनियों की कमाई पर दबाव बना है।
कमजोर नतीजों के बावजूद Godfrey Phillips का शेयर पिछले पांच कारोबारी सत्रों में 16 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है।
स्वतंत्र बाजार विश्लेषक दीपक जसानी का कहना है कि इस तेजी की वजह कंपनी के नतीजे नहीं हैं। उनके मुताबिक, कंपनी के प्रमोटर समीर मोदी ने अपनी मां के साथ चल रहे पारिवारिक विवाद को खत्म करने का ऐलान किया है। किसी कंपनी में प्रमोटरों का विवाद खत्म होने पर निवेशकों का भरोसा बढ़ता है और उन्हें उम्मीद होती है कि अब कंपनी का कामकाज बेहतर होगा। यही वजह है कि Godfrey Phillips के शेयर में तेजी देखने को मिल रही है।
ग्लोब कैपिटल के हेड ऑफ रिसर्च गौरव शर्मा का कहना है कि फिलहाल सिगरेट सेक्टर बाजार के सबसे कमजोर सेक्टरों में से एक बना हुआ है। उनके मुताबिक, कंपनियों की बिक्री में बहुत ज्यादा दम नहीं दिख रहा और मुनाफे पर भी दबाव बना हुआ है। मार्जिन घट रहे हैं, इसलिए इस समय सिगरेट शेयरों में निवेश को लेकर ज्यादा उत्साहित होने की वजह नहीं है।
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वहीं, दीपक जसानी का भी कहना है कि सिगरेट कारोबार अब भी कंपनियों के लिए नकदी कमाने वाला बिजनेस है, लेकिन जब तक बिक्री और मुनाफे में सुधार नहीं दिखता, तब तक यह सेक्टर निवेशकों को आकर्षित नहीं कर पाएगा। इसलिए फिलहाल इस सेक्टर से दूरी बनाकर रखना बेहतर होगा।
AUM कैपिटल मार्केट के हेड ऑफ रिसर्च राजेश अग्रवाल का कहना है कि Godfrey Phillips और VST Industries का कारोबार लगभग पूरी तरह सिगरेट पर निर्भर है। ऐसे में टैक्स बढ़ने और मार्जिन घटने का असर इन कंपनियों पर ज्यादा पड़ता है।
इसके मुकाबले ITC की स्थिति बेहतर है क्योंकि उसका कारोबार सिर्फ सिगरेट तक सीमित नहीं है। कंपनी का FMCG, होटल, पेपरबोर्ड और एग्री बिजनेस भी लगातार बढ़ रहा है। राजेश अग्रवाल के मुताबिक, ITC की मजबूत बैलेंस शीट, कर्जमुक्त स्थिति और 5 फीसदी से ज्यादा डिविडेंड यील्ड उसे बाकी दोनों कंपनियों के मुकाबले ज्यादा मजबूत बनाती है।
बाजार के जानकारों की राय में फिलहाल पूरे सिगरेट सेक्टर पर दबाव बना हुआ है। गौरव शर्मा और दीपक जसानी दोनों का मानना है कि अभी इस सेक्टर से दूरी बनाकर रखना बेहतर रहेगा क्योंकि टैक्स बढ़ने और कमजोर मांग का असर आने वाली तिमाहियों में भी दिख सकता है।
हालांकि, राजेश अग्रवाल का मानना है कि अगर कोई निवेशक इस सेक्टर में निवेश करना ही चाहता है, तो ITC बाकी दोनों कंपनियों के मुकाबले ज्यादा मजबूत विकल्प है। वहीं, Godfrey Phillips में हाल की तेजी कारोबार में सुधार की वजह से नहीं, बल्कि प्रमोटर विवाद खत्म होने की खबर के कारण आई है। इसलिए सिर्फ शेयर की तेजी देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)