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Molbio Diagnostics IPO: मॉल्बियो डायग्नोस्टिक्स का करीब 940 करोड़ रुपये का IPO आज यानी 10 अगस्त 2026 से निवेशकों के लिए खुल गया है। कंपनी के IPO को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी मजबूत बना हुआ है। मौजूदा GMP के आधार पर शेयर की अनुमानित लिस्टिंग कीमत इश्यू प्राइस से करीब 15% ऊपर रहने का संकेत मिल रहा है।
यह IPO 12 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने इसके लिए ₹768 से ₹807 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
Molbio Diagnostics IPO का कुल आकार ₹939.70 करोड़ है। इसमें ₹200 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹739.70 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सुविधाओं और Centre of Excellence के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर में करेगी। इसके अलावा गोवा और विशाखापत्तनम स्थित प्लांट में मशीनरी और अन्य सुविधाओं पर भी निवेश किया जाएगा। कुछ रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल होगी।
10 अगस्त को दोपहर 1:28 बजे तक Molbio Diagnostics IPO का GMP ₹120 बताया गया है। अपर प्राइस बैंड ₹807 के मुकाबले यह करीब 14.87% का संभावित फायदा दिखाता है।
अगर GMP इसी स्तर पर बना रहता है, तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹927 हो सकती है। हालांकि, GMP केवल ग्रे मार्केट का संकेत है। यह लिस्टिंग पर मिलने वाले वास्तविक रिटर्न की गारंटी नहीं देता और बाजार की स्थिति के साथ इसमें बदलाव हो सकता है।
10 अगस्त को दोपहर 2:39 बजे तक IPO को कुल मिलाकर 0.69 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
IPO की सब्सक्रिप्शन 12 अगस्त को बंद होगी। शेयरों का अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि NSE और BSE पर लिस्टिंग 17 अगस्त को हो सकती है।
IPO में एक लॉट में 18 शेयर हैं। अपर प्राइस बैंड ₹807 के हिसाब से एक लॉट खरीदने के लिए रिटेल निवेशक को कम से कम ₹14,526 लगाने होंगे।
कंपनी ने कर्मचारियों के लिए भी 20,520 शेयर आरक्षित किए हैं। कर्मचारियों को इश्यू प्राइस पर ₹76 प्रति शेयर की छूट मिलेगी।
ब्रोकरेज फर्म SBI Securities ने Molbio Diagnostics IPO को लंबी अवधि के नजरिए से Subscribe करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक FY24 से FY26 के बीच कंपनी के रेवेन्यू, EBITDA और एडजस्टेड PAT में क्रमशः 31.5%, 17.2% और 9.7% की CAGR से वृद्धि हुई है।
SBI Securities के अनुसार ₹807 के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 के आधार पर करीब 56.5 गुना P/E और 28.5 गुना EV/EBITDA है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की टेक्नोलॉजी, बाजार में स्थिति, ग्रोथ और रिटर्न रेशियो को देखते हुए वैल्यूएशन उचित नजर आता है।
हालांकि, ब्रोकरेज ने कुछ जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया है। इनमें TB टेस्टिंग से होने वाली आय पर निर्भरता, कुछ बड़े ग्राहकों पर अधिक निर्भरता और सरकारी खरीद कार्यक्रमों पर कारोबार की निर्भरता शामिल हैं।
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Molbio Diagnostics की शुरुआत अक्टूबर 2000 में हुई थी। कंपनी पॉइंट-ऑफ-केयर यानी POC मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में काम करती है। इसका प्रमुख उत्पाद ‘Truenat’ प्लेटफॉर्म है। यह एक पोर्टेबल और बैटरी से चलने वाला PCR आधारित सिस्टम है, जिसकी मदद से कई बीमारियों की जांच कम समय में की जा सकती है।
कंपनी 30 से ज्यादा बीमारियों के लिए 43 डायग्नोस्टिक टेस्ट उपलब्ध कराती है। इनमें टीबी, कोविड-19, HIV, हेपेटाइटिस B और C तथा HPV जैसी बीमारियों की जांच शामिल है।
कंपनी की छह मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज भारत में हैं और यह 90 से ज्यादा देशों में अपने उत्पाद उपलब्ध कराती है। इसके ग्राहक सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल हैं।
31 मार्च 2026 तक कंपनी में 1,225 स्थायी कर्मचारी थे।
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| IPO खुलने की तारीख | 10 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 12 अगस्त 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹768-₹807 |
| लॉट साइज | 18 शेयर |
| न्यूनतम निवेश | ₹14,526 |
| IPO साइज | ₹939.70 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू | ₹200 करोड़ |
| OFS | ₹739.70 करोड़ |
| GMP | ₹120 |
| अनुमानित लिस्टिंग कीमत | ₹927 |
| अनुमानित GMP रिटर्न | 14.87% |
| अलॉटमेंट | 13 अगस्त 2026 |
| संभावित लिस्टिंग | 17 अगस्त 2026 |
| लिस्टिंग | NSE और BSE |
Molbio Diagnostics IPO में एक तरफ मजबूत GMP, कंपनी की टेक्नोलॉजी और पिछले कुछ वर्षों की अच्छी ग्रोथ सकारात्मक संकेत दे रही है। SBI Securities ने भी इसे लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। दूसरी तरफ, IPO का वैल्यूएशन सस्ता नहीं है और कंपनी की कुछ खास सेगमेंट व सरकारी खरीद पर निर्भरता जोखिम बढ़ा सकती है।
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इसलिए केवल GMP देखकर IPO में निवेश करने के बजाय कंपनी के वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन और अपने जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर फैसला करना बेहतर होगा।