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मोलबायो डायग्नोस्टिक्स IPO की धमाकेदार लिस्टिंग! ₹807 वाला शेयर ₹980 पर खुला, निवेशकों को मिला 21% का फायदा

Molbio Diagnostics के शेयर NSE और BSE पर ₹807 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹980 पर लिस्ट हुए, जिससे निवेशकों को 21.44% का शुरुआती प्रीमियम मिला।

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मानसी वार्ष्णेय   
Last Updated- August 17, 2026 | 10:56 AM IST

Molbio Diagnostics IPO Listing: मोलबायो डायग्नोस्टिक्स के शेयरों ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर IPO के इश्यू प्राइस ₹807 के मुकाबले ₹980 पर लिस्ट हुए। इस तरह निवेशकों को शुरुआत में ही करीब 21.44% का प्रीमियम मिला।

मोलबायो डायग्नोस्टिक्स का IPO 10 से 12 अगस्त के बीच खुला था और इसे निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इश्यू कुल 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 17 अगस्त की सुबह ₹120 था। इसके आधार पर अनुमानित लिस्टिंग करीब ₹927 मानी जा रही थी, लेकिन कंपनी के शेयर इससे भी ऊपर ₹980 पर लिस्ट हुए।

₹807 था IPO का इश्यू प्राइस

मोलबायो डायग्नोस्टिक्स ने IPO के लिए ₹768 से ₹807 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। अंतिम इश्यू प्राइस ₹807 प्रति शेयर रहा। IPO में एक लॉट में 18 शेयर थे, यानी रिटेल निवेशकों को कम से कम ₹14,526 का निवेश करना पड़ा।

कंपनी का IPO करीब ₹939.70 करोड़ का था। इसमें ₹200 करोड़ का फ्रेश इश्यू और करीब ₹739.70 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल था।

किस कैटेगरी में कितनी बोली लगी?

IPO को सभी निवेशक वर्गों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली। 12 अगस्त को बोली बंद होने तक यह कुल 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और QIB कैटेगरी का हिस्सा 186.39 गुना सब्सक्राइब हुआ।

कंपनी ने IPO से पहले एंकर निवेशकों से भी करीब ₹281.46 करोड़ जुटाए थे।

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लिस्टिंग के बाद क्या करें निवेशक?

मोलबायो डायग्नोस्टिक्स की लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर पर शिवानी न्याति, Head of Wealth, Swastika Investmart Ltd. ने सकारात्मक नजरिया जताया है।

शिवानी न्याति के मुताबिक, मोलबायो डायग्नोस्टिक्स की लिस्टिंग अच्छी रही और शेयर इश्यू प्राइस से 21.4% प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुआ। मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में कंपनी की मजबूत स्थिति, विस्तार पर आधारित ग्रोथ स्ट्रैटेजी और इस इंडस्ट्री की बेहतर संभावनाएं कंपनी के निवेश मामले को मजबूत करती हैं।

उन्होंने कहा कि लिस्टिंग के बाद कंपनी का वैल्यूएशन अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अभी उचित नजर आता है। हालांकि, शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए अनुशासित रणनीति अपनानी चाहिए।

शिवानी न्याति ने मोलबायो डायग्नोस्टिक्स पर सकारात्मक नजरिया बरकरार रखते हुए ₹900 का स्टॉप-लॉ रखने की सलाह दी है।

क्या करती है Molbio Diagnostics?

मोलबायो डायग्नोस्टिक्स की स्थापना अक्टूबर 2000 में हुई थी। कंपनी मुख्य रूप से मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स और तेजी से बीमारी की जांच करने वाली तकनीक पर काम करती है।

कंपनी का प्रमुख उत्पाद Truenat प्लेटफॉर्म है। यह बैटरी से चलने वाला पोर्टेबल PCR आधारित सिस्टम है, जिसके जरिए सीमित संसाधनों वाले इलाकों में भी बीमारियों की जांच की जा सकती है। कंपनी के मुताबिक, इसके जरिए करीब एक घंटे के भीतर टेस्ट का परिणाम मिल सकता है।

मोलबायो 30 से ज्यादा बीमारियों के लिए 43 डायग्नोस्टिक टेस्ट उपलब्ध कराती है। इनमें टीबी, कोविड-19, HIV, हेपेटाइटिस B और C तथा HPV जैसी बीमारियों की जांच शामिल है।

कंपनी की भारत में छह मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं और इसके उत्पाद 90 से ज्यादा देशों में पहुंचते हैं। इसके ग्राहक सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल हैं।

31 मार्च 2026 तक कंपनी में 1,225 स्थायी कर्मचारी काम कर रहे थे।

IPO की प्रमुख जानकारी

  • IPO खुलने की तारीख: 10 अगस्त 2026
  • IPO बंद होने की तारीख: 12 अगस्त 2026
  • लिस्टिंग: 17 अगस्त 2026
  • इश्यू प्राइस: ₹807 प्रति शेयर
  • लिस्टिंग प्राइस: ₹980 प्रति शेयर
  • लिस्टिंग प्रीमियम: 21.44%
  • प्राइस बैंड: ₹768-₹807
  • लॉट साइज: 18 शेयर
  • न्यूनतम निवेश: ₹14,526
  • कुल इश्यू साइज: करीब ₹939.70 करोड़
  • लिस्टिंग: NSE और BSE
First Published : August 17, 2026 | 10:54 AM IST