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Shiprocket IPO Allotment: Shiprocket के IPO का अलॉटमेंट आज यानी 17 अगस्त 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। ₹1,617.48 करोड़ के इस IPO को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और इश्यू करीब 100 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों को लेकर तेजी बनी हुई है। 17 अगस्त की सुबह उपलब्ध जानकारी के मुताबिक Shiprocket IPO का GMP ₹33 है। इस हिसाब से अपर प्राइस बैंड ₹97 के मुकाबले शेयर की अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹130 हो सकती है।
Shiprocket का IPO 12 अगस्त को खुला और 14 अगस्त को बंद हुआ था। कंपनी ने शेयरों का प्राइस बैंड ₹92 से ₹97 प्रति शेयर तय किया था। इश्यू को कुल 99.38 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें QIB कैटेगरी 122.80 गुना, NII कैटेगरी 88.99 गुना और रिटेल कैटेगरी 46.42 गुना सब्सक्राइब हुई।
कुछ अंतिम अपडेट में कुल सब्सक्रिप्शन 102.28 गुना बताया गया है। QIB, NII और रिटेल कैटेगरी में भी अंतिम आंकड़ों में मामूली अंतर दिखाई देता है।
17 अगस्त 2026 को सुबह 10:34 बजे उपलब्ध GMP के मुताबिक Shiprocket के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹33 है। अगर यह GMP लिस्टिंग तक बना रहता है और कंपनी के शेयर ₹97 के अपर प्राइस बैंड पर जारी होते हैं, तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹130 हो सकती है।
इस हिसाब से निवेशकों को करीब 34 फीसदी का संभावित फायदा मिल सकता है। हालांकि GMP सिर्फ ग्रे मार्केट का संकेत है। वास्तविक लिस्टिंग कीमत इससे अलग हो सकती है और बाजार की स्थिति पर भी निर्भर करेगी।
Shiprocket IPO का कुल आकार ₹1,617.48 करोड़ है। इसमें ₹885.50 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹731.98 करोड़ का ऑफर फॉर सेल शामिल है।
IPO का प्राइस बैंड ₹92 से ₹97 प्रति शेयर था और एक लॉट में 154 शेयर हैं। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए ₹14,938 लगाने पड़े।
कंपनी के कर्मचारियों के लिए 1,13,636 शेयर रिजर्व रखे गए थे। इन शेयरों पर ₹9 प्रति शेयर की छूट दी गई है।
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Shiprocket IPO का अलॉटमेंट 17 अगस्त को होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके पैसे की वापसी 18 अगस्त से शुरू होने की उम्मीद है। सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर भी 18 अगस्त को क्रेडिट किए जा सकते हैं।
कंपनी के शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग 19 अगस्त 2026 को प्रस्तावित है।
Shiprocket IPO का रजिस्ट्रार KFin Technologies है। निवेशक रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर जाकर अपना अलॉटमेंट स्टेटस देख सकते हैं।
निवेशक BSE की IPO एप्लीकेशन स्टेटस सुविधा के जरिए भी अलॉटमेंट की जानकारी देख सकते हैं।
इसके लिए BSE की वेबसाइट पर IPO Application Status पेज खोलें। Issue Type में Equity चुनें और Issue Name में Shiprocket चुनें। इसके बाद PAN या एप्लीकेशन नंबर दर्ज करके कैप्चा भरें और Submit करें। इसके बाद अलॉटमेंट से जुड़ी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी।
NSE की वेबसाइट पर IPO Bid Verification सुविधा के जरिए भी निवेशक अपनी एप्लीकेशन की जानकारी चेक कर सकते हैं।
NSE के IPO सेक्शन में जाकर Shiprocket को चुनें। इसके बाद मांगी गई एप्लीकेशन डीटेल्स दर्ज करें और Submit करें। यहां निवेशक अपनी IPO बोली से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।
Shiprocket की शुरुआत 2011 में हुई थी। कंपनी ई-कॉमर्स कारोबार से जुड़े कारोबारियों को टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सेवाएं देती है। इसका प्लेटफॉर्म खासतौर पर MSME, D2C ब्रांड और बड़े रिटेल कारोबारियों को ऑनलाइन कारोबार संभालने और बढ़ाने में मदद करता है।
कंपनी की शुरुआत मुख्य रूप से शिपिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर हुई थी। इसके जरिए कारोबारी ऑर्डर भेजने, डिलीवरी ट्रैक करने, कैश ऑन डिलीवरी और पेमेंट सेटलमेंट जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
समय के साथ Shiprocket ने अपनी सेवाओं का विस्तार किया है। अब कंपनी फुलफिलमेंट सेंटर, कार्गो और हैवी लॉजिस्टिक्स, इंटरनेशनल शिपिंग, ओम्नीचैनल कॉमर्स, विज्ञापन और मार्केटिंग, चेकआउट और पेमेंट सॉल्यूशन, बिजनेस लोन और हाइपरलोकल डिलीवरी जैसी सेवाएं भी देती है।
कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में उसने 146 देशों में ग्राहकों को सेवाएं दीं। अंतरराष्ट्रीय कारोबार के लिए कंपनी भारत से अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, यूरोप और सिंगापुर जैसे प्रमुख बाजारों तक शिपिंग सेवाएं उपलब्ध कराती है।
Shiprocket की कमाई मुख्य रूप से इस्तेमाल के आधार पर होने वाली फीस से आती है। यानी कारोबारी जितनी ज्यादा शिपमेंट, ट्रांजैक्शन या ऑर्डर वैल्यू प्रोसेस करते हैं, कंपनी की आय उसी हिसाब से बढ़ती है।
ध्यान दें: GMP के आधार पर लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाया जाता है। यह निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं है। वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की मांग, कंपनी के शेयरों और उस समय के बाजार माहौल के आधार पर अलग हो सकती है।