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FPI ने अप्रैल में अब तक शेयरों में 8,767 करोड़ रुपये डाले

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भारत में शेयरों का मूल्य अब उचित स्तर पर आ गया है, जिसकी वजह से FPI यहां पैसा लगा रहे हैं।

Last Updated- April 16, 2023 | 3:17 PM IST
Editorial: Dependence on foreign capital
BS

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने चालू वित्त वर्ष के पहले महीने में अब तक भारतीय शेयर बाजारों में 8,767 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में FPI शुद्ध बिकवाल रहे थे।

कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के इक्विटी शोध (खुदरा) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति को देखते हुए आगे चलकर FPI प्रवाह में उतार-चढ़ाव जारी रहने के आसार हैं।

फेडरल रिजर्व की बैठक के ब्योरे से संकेत मिलता है कि अमेरिकी वित्तीय प्रणाली की स्थिरता में भरोसा करते हुए आगामी मौद्रिक समीक्षा बैठक में ब्याज दर में 0.25 फीसदी की वृद्धि की जा सकती है।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने तीन से 13 अप्रैल के दौरान भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 8,767 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे पहले मार्च में FPI ने शेयरों में शुद्ध रूप से 7,936 करोड़ रुपये डाले थे। इस राशि में ज्यादातर हिस्सा अदाणी समूह की कंपनियों में अमेरिका के जीक्यूजी पार्टनर्स से आया था। यदि अदाणी समूह की कंपनियों में आए निवेश को निकाल दिया जाए, तो पिछले महीने में शुद्ध प्रवाह नकारात्मक बैठेगा।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि अप्रैल में अभी तक उभरते बाजारों में FPI के लिए भारत सबसे आकर्षक गंतव्य रहा है।

यह भी पढ़े : Market Cap: सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से सात कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 67,859.77 करोड़ रुपये बढ़ा

मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में बैंकिंग संकट को लेकर चिंता कम होने के बीच वैश्विक परिदृश्य स्थिर हुआ है। इस वजह से भारत में FPI का प्रवाह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भारत में शेयरों का मूल्य अब उचित स्तर पर आ गया है, जिसकी वजह से FPI यहां पैसा लगा रहे हैं। FPI ने इससे पहले 2022-23 में भारतीय शेयर बाजारों से 37,631 करोड़ रुपये निकाले थे।

वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा आक्रामक तरीके से दरें बढ़ाने के बीच FPI बिकवाल रहे थे। 2021-22 में FPI ने भारतीय बाजार से 1.4 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड निकासी की थी। वहीं 2020-21 में FPI ने शेयरों में 2.7 लाख करोड़ रुपये और 2019-20 में 6,152 करोड़ रुपये डाले थे। अप्रैल में अब तक FPI ने ऋण या बॉन्ड बाजार से 1,085 करोड़ रुपये निकाले हैं।

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First Published - April 16, 2023 | 3:17 PM IST

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