facebookmetapixel
Advertisement
Trump-Xi Meeting: अमेरिका-चीन की बड़ी डील! ट्रंप-शी बैठक में तनाव कम करने की कोशिश, जानें 5 बड़े फैसलेदिल्ली की रेखा सरकार का बड़ा फैसला! वर्क फ्रॉम होम से लेकर ‘नो व्हीकल डे’ तक कई नए नियम लागूHUF के जरिए घर खरीदना कैसे बन सकता है टैक्स बचत का स्मार्ट तरीका, जानिए क्या हैं फायदे और जरूरी बातेंNEET में लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में? पेपर लीक के बाद चौंकाने वाले आंकड़ेTata Motors Q4 Results: मुनाफा 31% गिरा, राजस्व में बढ़त; JLR का दबाव भारीSenior Citizens के लिए खुशखबरी! FD पर मिल रहा 8.3% तक बंपर ब्याज, जानें कौन से बैंक दे रहे सबसे ज्यादा रिटर्नMutual Fund: अप्रैल में इक्विटी AUM रिकॉर्ड स्तर पर, फंड हाउसेस ने किन सेक्टर और स्टॉक्स में की खरीदारी?तेल संकट और कमजोर पर्यटन ने मॉरीशस की अर्थव्यवस्था को झकझोरा, भारत भी रहे सतर्कप्लेटिनम हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड: 20 मई से खुलेगा NFO, किसे करना चाहिए इस SIF में निवेश?Airtel को लेकर सुनील मित्तल का 10 साल का मास्टरप्लान सामने आया

FPI ने दिसंबर में अब तक इक्विटी में 11,557 करोड़ रुपये का निवेश किया

Advertisement
Last Updated- December 25, 2022 | 1:40 PM IST
share market, BSE

चीन सहित कुछ अन्य देशों में कोविड संक्रमण फिर से फैलने और शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद विदेशी निवेशकों ने दिसंबर में अब तक भारतीय इक्विटी में शुद्ध रूप से 11,557 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि आने वाले समय में अमेरिका के व्यापक आर्थिक आंकड़े और कोविड संक्रमण की स्थिति से बाजार की चाल निर्धारित होगी। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने 1-23 दिसंबर के दौरान इक्विटी में 11,557 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।

इससे पहले एफपीआई ने नवंबर में 36,200 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध निवेश किया था। अमेरिकी डॉलर सूचकांक के कमजोर होने और सकारात्मक आर्थिक रुझानों के कारण आईपीआई का भारतीय बाजारों के प्रति रुझान बढ़ा।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर में आठ करोड़ रुपये और सितंबर में 7,624 करोड़ रुपये निकाले थे। मॉर्निंग स्टार इंडिया के संयुक्त निदेशक – शोध प्रबंधक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि बाजारों में गिरावट और कोविड संक्रमण को लेकर आशंकाओं के बावजूद एफपीआई भारतीय शेयर बाजारों में (दिसंबर में) शुद्ध खरीदार बने रहे।

उन्होंने आगे कहा कि 23 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में शुद्ध प्रवाह की मात्रा कम हुई, जो दर्शाता है कि हाल के घटनाक्रमों और अनिश्चितताओं को देखते हुए विदेशी निवेशक धीरे-धीरे सतर्क हो रहे हैं।

Advertisement
First Published - December 25, 2022 | 1:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement