Britannia Share Price: FMCG कंपनी ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के शेयरों में शुक्रवार को तेज गिरावट देखने को मिली। मार्च 2026 तिमाही के नतीजे घोषित होने के बाद कंपनी का शेयर NSE पर करीब 5 प्रतिशत तक टूटकर 5,524 रुपये के इंट्राडे लो पर पहुंच गया।
हालांकि बाद में शेयर में थोड़ी रिकवरी आई और दोपहर करीब 02:10 बजे यह 5,533 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव 5,814 रुपये के मुकाबले 4.5 प्रतिशत नीचे था। वहीं इसी समय निफ्टी50 इंडेक्स करीब 0.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा था। इस साल अब तक ब्रिटानिया का शेयर करीब 3.6 प्रतिशत गिर चुका है।
ब्रिटानिया ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण माल ढुलाई यानी फ्रेट लागत काफी बढ़ गई है। ईंधन और समुद्री परिवहन खर्च बढ़ने का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ रहा है। इन बढ़ती लागतों से निपटने के लिए कंपनी FY27 की पहली तिमाही से धीरे-धीरे कीमतों में बढ़ोतरी करेगी। साथ ही कंपनी लागत घटाने और कारोबार की दक्षता बढ़ाने पर भी काम कर रही है।
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मार्च 2026 तिमाही में ब्रिटानिया का शुद्ध लाभ 21.2 प्रतिशत बढ़कर 678 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 560 करोड़ रुपये था। कंपनी की कुल आय भी 6.5 प्रतिशत बढ़कर 4,719 करोड़ रुपये हो गई। वहीं EBITDA 5.9 प्रतिशत बढ़कर 853 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन मामूली घटकर 18.1 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल 18.2 प्रतिशत था।
कंपनी ने कहा कि जहाजों की कमी, मांग में सुस्ती और फ्रेट लागत बढ़ने की वजह से अंतरराष्ट्रीय कारोबार की आय और मुनाफे पर असर पड़ा है। हालांकि भारत में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में उत्पादन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
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ब्रिटानिया के बोर्ड ने FY26 के लिए 1 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 90.50 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।
पृथ्वी फिनमार्ट के टेक्निकल रिसर्च हेड हरीश जुजारे ने कहा कि ब्रिटानिया का शेयर फिलहाल कमजोर चार्ट स्ट्रक्चर दिखा रहा है। उनके मुताबिक, शेयर को 5,850 रुपये के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस मिल रहा है। अगर कमजोरी जारी रहती है तो शेयर 5,350 रुपये तक फिसल सकता है। उन्होंने सलाह दी कि 5,650 से 5,700 रुपये के दायरे में ‘Sell on Rise’ रणनीति अपनाना बेहतर हो सकता है, जब तक शेयर 200-DMA के नीचे बना हुआ है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय एक्सपर्ट की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)