विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए अजय सिंह के स्वामित्व वाली निजी विमानन कंपनी स्पाइसजेट को आठ हफ्तों तक अधिकतम 50 फीसदी उड़ानें संचालित करने का आज आदेश दिया। हाल के समय में स्पाइसजेट के विमानों में तकनीकी खामी की कई घटनाओं के मद्देनजर डीजीसीए ने यह निर्णय किया है। डीजीसीए के मुताबिक इन आठ हफ्तों के दौरान विमानन कंपनी पर नियामक कड़ी निगरानी रखेगा।
हालांकि उड़ानें सीमित करने से स्पाइसजेट के परिचालन पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा क्योंकि विमानन कंपनी पहले से ही गर्मियों के शेड्यूल के लिए निर्धारित उड़ानों से 50 फीसदी से कम उड़ानों का परिचालन कर रही है।
एक महीने के अंदर आठ घटनाओं के मद्देनजर डीजीसीए ने जुलाई के पहले हफ्ते में स्पाइसजेट को सुरक्षित, दक्ष और भरोसेमंद सेवाओं में विफलता के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। विमानन कंपनी को तीन हफ्ते के अंदर इसका जवाब देने के लिए कहा गया था कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। इससे पहले पिछले साल वित्तीय ऑडिट के बाद डीजीसीए ने पाया था कि स्पाइसजेट के पास विमानों के कलपुर्जों का पर्याप्त भंडार नहीं है।
विमानन नियामक ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि विभिन्न स्थलों की जांच, निरीक्षण और स्पाइसजेट की ओर से जमा कराए गए कारण बताओ नोटिस के जवाब के मद्देनजर, सुरक्षित और विश्वसनीय परिवहन सेवा के निरंतर निर्वाह के लिए स्पाइसजेट की गर्मियों के लिए स्वीकृत उड़ानों की संख्या आठ हफ्तों तक 50 फीसदी पर सीमित की जाती है। डीजीसीए ने कहा कि अगर एयरलाइन इन आठ हफ्तों के दौरान 50 फीसदी से ज्यादा उड़ानों का संचालन करना चाहती है तो उसे यह दिखाना होगा कि उसके पास बढ़ी हुई क्षमता से उड़ानों का सुरक्षित रूप से संचालन करने के लिए पर्याप्त तकनीकी सहयोग और वित्तीय संसाधन हैं।
सूत्रों ने कहा कि नोटिस के जवाब में स्पाइसजेट ने कहा है कि वह अपने मुख्य परिचालन विभागों जैसे कि इंजीनियरिंग, विमान सुरक्षा, परिचालन एवं रखरखाव नियंत्रण में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर काम कर रही है।
स्पाइसजेट ने गर्मियों के लिए हर हफ्ते 4,193 उड़ानें संचालित करने की सूची सौंपी थी, जो प्रतिदिन करीब 600 उड़ानें होती हैं। हालांकि उद्योग के सूत्रों ने कहा कि विमानन कंपनी पिछले एक महीने से 300 से कम उड़ानें संचालित कर रही है।
विमानन कंपनी ने कहा कि यात्रा के लिहाज से कमजोर माने जाने वाले सीजन में स्पाइसजेट की तरह ही अन्य विमानन कंपनियों ने भी अपने परिचालन में बदलाव किया है। इसलिए उड़ानों की संख्या सीमित करने से हमारे परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हम अपने यात्रियों और यात्रा भागीदारों को भरोसा दिलाते हैं कि आने वाले दिनों में हमारी उड़ानें निर्धारित शेड्यूल के अनुसार संचालित होंगी। डीजीसीए के आदेश की वजह से कोई भी उड़ान रद्द नहीं की जाएगी। डीजीसीए ने पाया है कि स्पाइसजेट स्थिति में सुधार के लिए उपाय कर रही है, जो उत्साहजनक है।