भारत के प्रमुख व्यावसायिक घरानों में शुमार शापूरजी पलोनजी समूह ब्रिटेन का सबसे बड़ा एम्यूजमेंट पार्क बनाने का ठेका हासिल करने के अंतिम दौर में है। लंदन रिजॉर्ट के निर्माण सौदे का आकार 1.8 अरब डॉलर पर अनुमानित है। यह रिजॉर्ट लंदन के बाहरी छोर पर स्थित है और इसके लिए दुनियाभर से तीन अन्य निर्माण कंपनियों से बोलियां आई हैं।
दो चरणों में तैयार किए जाने वाले इस थीम पार्क का पहला द्वार वर्ष 2024 में और दूसरा 2019 तक खोल दिए जाने की संभावना है।
मुंबई में भारतीय रिजर्व बैंक की इमारत समेत कई अन्य भवनों के अलावा ओमान के सुल्तान के महल का निर्माण करने वाले 155 वर्ष पुराने शापूरजी पलोनजी समूह को इस नई दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार समझा जा रहा है। हालांकि समूह ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में लंदन रिजॉर्ट कंपनी होल्डिंग्स के मुख्य कार्याधिकारी पी वाई गेरब्यू ने कहा कि थीम पार्क ब्रिटिश सरकार समर्थिक राष्ट्रीय महत्व वाली इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना है। लंदन रिजॉर्ट कंपनी होल्डिंग्स के उपाध्यक्ष एवं प्रमुख (वैश्विक व्यवसाय) प्रदीप्त कुमार दास ने कहा कि केंट के स्वेंसकोम्बे पेनिनसुला में 535 एकड़ में फैले इस थीम पार्क की इंजीनियरिंग, संवद्र्घन एवं निर्माण की दौड़ में चार वैश्विक कंपनियों में एक प्रमुख भारतीय कंपनी भी शामिल है।
दास ने कहा, ‘हम इस पार्क के लिए प्राप्त बोलियों का आकलन कर रहे हैं और अगर जरूरत पड़ी तो हम इस सौदे को दो कंपनियों में विभाजित करने पर भी विचार कर सकते हैं। फिलहाल हम यह कह सकते हैं कि भारतीय कंपनी देश से प्रमुख निर्माण कंपनियों में से एक है और उसने घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं को भी पूरा किया है।’ इस एम्यूजमेंट पार्क को ‘टू-पार्क रिजॉर्ट’ के तौर पर स्थापित किया जाएगा जिसमें होटल, रेस्तरां, हाई स्ट्रीट और बिजनेस सेंटर भी शामिल होंगे। पहले चरण का निर्माण कार्य 2021 में शुरू होगा, जबकि दूसरे गेट को 2029 तक तैयार कर लिया जाएगा।
लंदन रिजॉर्ट की अवधारणा 2012 में डिज्नीलैंड पेरिस के लिए ब्रिटेन के जवाब के तौर पर की गई थी और पिछले साल सीईओ के तौर पर अनुभवी उद्यमी गेरब्यू की नियुक्ति के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आई है।
गेरब्यू ने कहा, ‘परियोजना को कुवैती यूरोपियन होल्डिंग्स (केईएच) से वित्तीय सहायता हासिल है। केईएच कुवैत के अल हुमैदी परिवार की इकाई है। इस परिवार की लंदन रिजॉर्ट कंपनी होल्डिंग्स में बड़ी हिससेदारी है। हम फिलहाल कोई कर्ज या पूंजी नहीं जुटा रहे हैं।’ लंदन रिजॉर्ट के साथ भारतीय भागीदारी सिर्फ निर्माण के साथ समाप्त नहीं हो जाएगी। होल्डिंग कंपनी देश से अन्य जरूरतें भी पूरी करने की संभावना तलाश रही है। हम यहां हॉस्पिटैलिटी और टेक्नोलॉजी में भी दिलचस्पी ले रहे हैं और इसके लिए भारतीय भागीदारों के साथ बात करने को स्वतंत्र हैं।