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कोविड की मार से ठप पड़ा रियल एस्टेट कारोबार

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Last Updated- December 15, 2022 | 8:00 AM IST

कोविड-19 संकट और इसकी वजह से लागू लॉकडाउन के चलते चालू कैलेंडर वर्ष में अप्रैल-जून अवधि के दौरान घरों की बिक्री में 81 फीसदी की गिरावट का अनुमान है। इस दौरान देश में नई परियोजनाओं की शुरुआत में 98 फीसदी कमी होने वाली है। मुंबई महानगर क्षेत्र और एनसीआर इलाके में एक भी परियोजना शुरू नहीं हो सकी। लॉकडाउन के बावजूद मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में सबसे ज्यादा घरों की बिक्री हुई।
कोरोना संकट काल में रियल एस्टेट कारोबार पूरी तरह ठप पड़ चुका है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान देश में घरों की बिक्री में 81 फीसदी  घटकर 12,740 इकाई रहने का अनुमान है। संपत्ति सलाहकार एनारॉक की जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल-जून 2019 के दौरान सात बड़े शहरों ( दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता) में घरों की बिक्री 68,600 इकाई रही। यही नहीं इस अवधि में नए घरों की पेशकश में भी 98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,390 इकाई रहने का अनुमान है। पिछले साल समान अवधि में 69,000 नए मकान बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए थे।
रियल एस्टेट कारोबार का केंद्र माने  जाने वाले  एमएमआर में घरों की बिक्री में 83 फीसदी की गिरावट का अनुमान है। इस दौरान यहां कुल 3,620 घरों की बिक्री हुई जो बिक्री के लिहाज से देश में सबसे ज्यादा है। हालांकि लॉकडाउन के चलते एक भी नई परियोजना शुरु नहीं हो सकी। देश के दूसरे हिस्सों की अपेक्षा मुंबई इलाके में बिक्री अधिक होने की प्रमुख वजह ऑनलाइन घरों की बिक्री पर जोर देना माना जा रहा है। एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि इस तिमाही में ज्यादातर समय लॉकडाउन की वजह से घरों की बिक्री और पेशकश में भारी गिरावट का अनुमान पहले से था। महामारी पर काबू के लिए राष्ट्रव्यापी बंद 25 मार्च से लगाया गया था। इससे निर्माण गतिविधियां पूरी तरह रुक गई थीं। साथ ही इससे घरों की बिक्री भी लगभग ठहर गई थी। पुरी ने कहा कि मौजूदा स्थिति के मद्देनजर अब कई डेवलपर्स अपनी डिजिटल बिक्री क्षमता को बढ़ा रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल-जून, 2020 के दौरान दिल्ली-एनसीआर में घरों की बिक्री 83 प्रतिशत घटकर 2,100 इकाई रहने का अनुमान है। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 12,640 इकाई था। इसी तरह मुंबई महानगर क्षेत्र में घरों की बिक्री 83 प्रतिशत घटकर 21,360 से 3,620 इकाई रहने का अनुमान है। बेंगलूरु में बिक्री 77 प्रतिशत घटकर 2,900 इकाई रहने का अनुमान है। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 13,150 इकाई रहा था। पुणे में बिक्री 79 प्रतिशत घटकर 10,490 इकाई से 2,160 इकाई तथा हैदराबाद में 85 प्रतिशत घटकर 4,430 इकाई से 660 इकाई रहने का अनुमान है। चेन्नई में बिक्री 84 प्रतिशत घटकर 2,990 से घटकर 480 इकाई रहने का अनुमान है। कोलकाता में बिक्री 79 प्रतिशत घटकर 730 इकाई रहने का अनुमान है। इससे पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 3,540 इकाई था।

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First Published - June 26, 2020 | 12:20 AM IST

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