लौह अयस्क परिवहन में पुनरुद्धार और कोयले की आपूर्ति में वृद्धि के कारण, भारतीय रेलवे ने सितंबर में 11.58 करोड़ टन माल और कच्चे माल की ढुलाई की, जिससे सालाना 9.7 फीसदी की वृद्धि हुई। अस्थिर मॉनसून और कोयले की कम मांग के बीच क्रमिक रूप से, माल ढुलाई व्यवसाय लगभग 40 लाख टन तक सिकुड़ गया।
हालांकि इस वित्त वर्ष में पहली बार लौह अयस्क ढुलाई में महीनों के संकुचन के बाद सालाना वृद्धि देखी गई। क्योंकि, उद्योग उत्पादन को लेकर संघर्ष कर रहा है। लौह अयस्क रेलवे की माल ढुलाई में दूसरी सबसे बड़ी जिंस है और पिछले साल की तपलना में इसमें 10 फीसदी (12 लाख टन) की वृद्धि हुई है।
रेल मंत्रालय ने कहा, ‘1 अप्रैल 2022 से 30 सितंबर 2022 तक संचयी माल लदान पिछले साल 2021-22 के 66.86 करोड़ टन की तुलना में 73.66 करोड़ टन रहा है। यानी पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 10.14 फीसदी की वृद्धि यानी 6.78 करोड़ टन अधिक रहा।