facebookmetapixel
Advertisement
Manipal Health IPO: सब्सक्रिप्शन के लिए खुला ₹9,275 करोड़ का IPO; जानें प्राइस बैंड, GMP समेत अन्य डीटेल्सMid Cap Stocks: अभी भी कमाई का मौका या दिखेगी उठापटक, निवेशकों के लिए क्या है बड़ी सलाह?HUL में अभी खरीदारी का मौका? ब्रोकरेज को दिख रहा 35% तक का अपसाइडपश्चिम एशिया में सुस्ती का L&T ने निकाला यूरोप वाला तोड़, दो ब्रोकरेज ने दिए ₹4,550 तक के टारगेटGold, Silver Price Today: फेड मीटिंग से पहले बाजार में मिक्स ट्रेंड; सोना ₹243 टूटा, चांदी ₹815 उछलीManipal Health IPO: तेज ग्रोथ, भारी कर्ज और गिरता मुनाफा… निवेशक क्या करें?US Fed Meeting: क्या इस बार भी नहीं बढ़ेगी ब्याज दर? Kevin Warsh के फैसले पर टिकी दुनियाभर के बाजारों की नजरStock Market Update: शेयर बाजार में तूफानी तेजी! Sensex 800 अंक उछला, IT और मिडकैप शेयरों ने भरी उड़ानRupee: लगातार तीसरे दिन मजबूत हुआ रुपया, चौथे दिन भी तेजी बरकरारStocks To Watch Today: RVNL, ONGC, LIC, NTPC समेत इन शेयरों पर रखें नजर, दिख सकता है एक्शन

बुखार की चपेट में कई शहर

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 3:06 PM IST

कोविड 19 के बुखार से दो साल लड़ चुके भारत के ज्यादातर शहर डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू सहित अन्य मौसमी बुखारों से जूझ रहे हैं।  
मुंबई स्थित पीडी हिंदुजा अस्पताल के मेडि​सिन ऐंड क्रिटिकल केयर विभाग के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. खुसरो बाजन ने बताया कि अभी हम मरीजों में जो सांस की बीमारियां देख रहे हैं उनमें से 20 फीसदी कोविड-19 को छोड़ अन्य वायरल संक्रमण है। डॉक्टर के अनुमान के अनुसार मुंबई शहर में बीते एक महीने के दौरान स्वाइन फ्लू के मामलों में दो से तीन गुना इजाफा हो गया है।
बाजन ने बताया कि उनके अस्पताल में  भर्ती कराए गए बुखार के मरीजों में कोविड 19 के अलावा अन्य वायरल संक्रमण से पीड़ित 20 फीसदी, टायफाइड से 5 से 10 फीसदी, मलेरिया से 5 से 10 फीसदी और डेंगू (बुखार सहित) से 20-30 फीसदी हैं। डॉक्टरों ने कहा कि मॉनसून के बाद मच्छरों व अन्य कीटों से फैलने वाले बुखार जैसे डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि इस बार उम्मीद से पहले स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं और यह बुखार भी तेजी से फैल रहा है। अकेले मुंबई में ही अगस्त के दौरान स्वाइन फ्लू के करीब 200 मामले दर्ज हुए थे। 
उधर तमिलनाडु में बुखार तेजी से फैल रहा है। इस राज्य में तेज बुखार के कारण तकरीबन 5,000 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यन ने इस बुखार को ‘मौसमी’ करार दिया है। उन्होंने अभिभावकों को निर्देश दिया है कि बुखार होने पर अपने बच्चे को स्कूल नहीं भेजें। राज्य में जनवरी से अभी तक एच1एन1 बुखार के 1,000 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। बुखार के ये मामले तब दर्ज हुए हैं, जब कोविड के मामले दैनिक आधार पर दर्ज किए जा रहे हैं।
राज्य में गुरुवार को बुखार के 522 मामले दर्ज हुए। मंत्री ने बुखार के इतने मरीजों की संख्या को सामान्य करार दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना-19 के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालने करने के कारण बीते दो सालों के दौरान ऐसे मामलों में गिरावट दर्ज हुई थी। कोरोना के दौरान शारीरिक दूरी, बार-बार हाथ धोने, एहतियाती उपायों आदि के कारण बच्चे सामान्य बीमारी फैलाने वाले विषाणुओं से भी दूर रहे। 

Advertisement
First Published - September 23, 2022 | 11:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement