प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि देश के विकास को गति देने के लिए उनकी सरकार सभी क्षेत्रों को मजबूत बनाने में यकीन रखती है, जबकि पहले की सरकारों का रुख चुनिंदा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने और अन्य को नजरअंदाज करने का था।
दो दिवसीय बायोटेक स्टार्टअप एक्सपो का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में मोदी ने यह भी कहा कि भारत की ‘बायो इकॉनमी’ पिछले आठ वर्षों में आठ गुना बढ़ी है और यह 10 अरब अमेरिकी डॉलर से 80 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि भारत जैव प्रौद्योगिकी के वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र में शीर्ष 10 देशों की श्रेणी में पहुंचने से बहुत दूर नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में देश में स्टार्टअप की संख्या कुछ सौ से बढ़कर 70,000 से अधिक हो गई है और ये 70,000 स्टार्टअप लगभग 60 विभिन्न उद्योगों से हैं। उन्होंने कहा कि इसमें भी 5,000 से अधिक स्टार्टअप बायोटेक क्षेत्र से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि यह इसलिए संभव हो सका है क्योंकि सरकार ने व्यवसाय की सुगमता को बढ़ावा देने के साथ ही देश में उद्यमिता को मजबूती देने की दिशा में काम किया है।
प्रधानमंत्री ने कुछ क्षेत्रों में निर्यात में रिकार्ड वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के हर क्षेत्र को समर्थन देना और उसका विकास करना देश की आवश्यकता है और सरकार देश की वृद्धि को गति देने के लिए हर संभावनाएं तलाश रही है।
उन्होंने कहा कि देश की वृद्धि को गति देने के लिए बायोटेक क्षेत्र बहुत अहम है। उन्होंने कहा, ‘दुनिया में हमारे प्रौद्योगिकी पेशेवरों के कौशल और नवोन्मेष को लेकर भरोसा नई ऊंचाई पर है। यही भरोसा और यही साख इस दशक में भारत के बायोटेक क्षेत्र तथा भारत के बायो प्रोफेशनल्स के लिए होते हम देख रहे हैं।’ भाषा
रुपये में व्यापार की संभावना की तलाश
ईरान के विदेश मंत्री अमीर अब्दुल्लाहियन ने गुरुवार को कहा कि भारत और ईरान ने एक बैंकिंग तंत्र स्थापित करने की जरूरत पर चर्चा की है। उन्होंने साथ ही कहा कि दोनों देशों ने रुपये या वस्तु विनिमय प्रणाली के जरिये व्यापार लेनदेन को निपटाने की संभावनाओं को लेकर भी एक ‘सर्वेक्षण’ किया है। अब्दुल्लाहियन ने कहा भारत और ईरान ने चाबहार बंदरगाह में जल्द निवेश तेज करने पर भी सहमति व्यक्त की है। भाषा