US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच दोनों देश एक बार फिर बातचीत की मेज पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, दोनों पक्ष लंबे समय के संघर्ष विराम को लेकर दूसरी बैठक करने पर विचार कर रहे हैं।
हाल ही में इस्लामाबाद में हुई बातचीत, जिसकी अगुवाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने की थी, किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद अब नई बैठक की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार कोशिश है कि 7 अप्रैल से लागू दो हफ्ते के सीजफायर के खत्म होने से पहले ही अगली वार्ता हो जाए।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, बताया जा रहा है कि एक बार फिर इस्लामाबाद में बैठक हो सकती है, हालांकि अन्य जगहों के विकल्प भी खुले रखे गए हैं। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबित मुद्दों को सुलझाने के प्रयास जारी हैं।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी बातचीत के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से संपर्क किया गया है। हालांकि इसके साथ ही अमेरिका ने दबाव बढ़ाने के लिए Strait of Hormuz में नौसैनिक घेराबंदी को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
Trump ने व्हाइट हाउस में कहा कि आज सुबह “सही लोगों” से बातचीत हुई है और वे समझौते के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि इस बातचीत में कौन शामिल था।
इस बीच, युद्ध खत्म कराने की कोशिशों में Turkey और Egypt भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, संभावित बातचीत इन दोनों देशों में से किसी एक जगह हो सकती है।
वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance हाल ही में पाकिस्तान के इस्लामाबाद दौरे से बिना किसी ठोस नतीजे के लौटे हैं। एक दिन चली बातचीत में कोई समझौता नहीं हो सका। ट्रंप और वेंस का कहना है कि यह बातचीत इसलिए विफल हुई क्योंकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ।
दूसरी तरफ, Iran ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसका मकसद परमाणु बम बनाना नहीं है, लेकिन उसे यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है। ईरानी मीडिया ने बातचीत टूटने के लिए अमेरिका की “ज्यादा मांगों” को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, ईरान ने आगे बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि इतने बड़े मुद्दे एक ही दौर की बातचीत में हल नहीं हो सकते। इसी बीच, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर यह भी कहा कि उनके प्रतिनिधियों और ईरान के अधिकारियों के बीच बातचीत के दौरान माहौल काफी सकारात्मक और सम्मानजनक रहा, जिसे आगे की वार्ता के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है।