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तनाव कम करना प्राथमिकता : भारत

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:06 PM IST

रूस-यूक्रेन सीमा पर बढ़ते तनाव को लेकर ‘गहरी चिंता’ व्यक्त करते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि तनाव को कम करना तात्कालिक प्राथमिकता है और वह आश्वस्त है कि इस मुद्दे को कूटनीतिक संवाद के जरिए ही हल किया जा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि एवं राजदूत टी.एस. तिरुमूर्ति ने सोमवार की रात को सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा, ‘ हम यूक्रेन की पूर्वी सीमा पर हो रही गतिविधियों और रूसी संघ द्वारा इस संबंध में की गई घोषणा सहित पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘रूसी संघ के साथ लगी यूक्रेन की सीमा पर बढ़ता तनाव गंभीर चिंता का विषय है। इन चीजों से क्षेत्र की शांति एवं सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।’ भारत ने इसके साथ ही सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान भी किया और कहा कि सभी देशों के वैध सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए और क्षेत्र में दीर्घकालीन शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ‘तनाव कम करना’ तात्कालिक प्राथमिकता है। पुतिन के फैसले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने यूक्रेन पर एक आपात बैठक की। सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता इस महीने रूस के पास है। भारत ने ‘सभी पक्षों के लिए’ संयम बरतते हुए अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और साथ ही कहा कि जल्द से जल्द आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करने चाहिए।
तिरुमूर्ति ने कहा, ‘हम आश्वस्त हैं कि इस मुद्दे को कूटनीतिक संवाद के जरिए ही हल किया जा सकता है। हमें तनाव कम करने की कोशिश में लगे पक्षों द्वारा हाल में उठाए गए कदमों को वक्त देने की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में नई दिल्ली त्रिपक्षीय संपर्कसमूह और नॉरमैंडी प्रारूप समेत अन्य प्रयासों का स्वागत करती है। उन्होंने कहा, ‘हमें पक्षों को अलग-अलग हितों को साधने के लिए वृहद प्रयास करने का वक्त देने की आवश्यकता है। हम सैन्य तनाव का जोखिम नहीं उठा सकते।’ वहीं, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने यूक्रेन के दोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्रों की ‘स्वतंत्रता’ को मान्यता देने के रूस के फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि मॉस्को का फैसला यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता एवं संप्रभुत्ता का ‘उल्लंघन’ है तथा संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के सिद्धांतों के विरुद्ध है।    

यूक्रेन से भारतीयों को लाने गई एयर इंडिया
यूक्रेन की सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच एयर इंडिया ने मंगलवार को वहां से भारतीयों को वापस लाने के लिए बोइंग-787 विमान की उड़ान का संचालन किया है। एयरलाइन के एक अधिकारी ने मुताबिक, विमान के मंगलवार रात करीब 10:30 बजे राष्ट्रीय राजधानी लौटने की उम्मीद है। बोइंग-787 विमान में 250 से अधिक यात्रियों को ले जाने की क्षमता है। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट के मुताबिक, एआई-1947 ने भारतीय समयानुसार नई दिल्ली से सुबह करीब साढ़े सात बजे उड़ान भरी थी जोकि यूक्रेन में कीव स्थित हवाई अड्डे पर अपराह्न करीब तीन बजे पहुंची। रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत ने अपने नागरिकों को वापस लौटने की सलाह दी है। कीव स्थित भारतीय दूतावास ने मंगलवार को एक बार फिर भारतीय छात्रों से अस्थायी तौर पर भारत लौट जाने की सलाह दी है।     भाषा
 

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First Published - February 22, 2022 | 11:15 PM IST

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