facebookmetapixel
Advertisement
संप्रभुता, व्यावहारिकता और विकल्प: भारत के लिए जोखिम और समझदारी के बीच का संतुलनEditorial: ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ‘हथौड़ा’ और आगे की राहसुरक्षा के नाम पर अव्यवस्था और ‘चीनी’ रोबोडॉग का स्वदेशी दावा, AI इम्पैक्ट समिट पर उठे गंभीर सवालGDP Rebasing: नए आधार वर्ष से GDP की नई सीरीज तैयार, पर WPI को लेकर अर्थशास्त्रियों में मतभेदEnergy Growth: सरकारी तेल कंपनियों ने खोला खजाना, बीते 10 महीनों में खर्च किए ₹1.07 लाख करोड़US-India Trade: ट्रंप के पास हैं कई व्यापारिक हथियार, धारा 301 और 232 से बढ़ सकती है भारत की टेंशनIDFC First Bank में 590 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी, सरकारी खातों में हेरफेर से मचा हड़कंपMutual Funds: ‘मेगा फंड्स’ का बढ़ा दबदबा, ₹1 लाख करोड़ के क्लब में शामिल हुई तीन और बड़ी योजनाएंSME Growth: अब छोटी कंपनियां भी बना रहीं कर्मचारियों को करोड़पति, ईसॉप्स का बढ़ रहा है क्रेजMarket Alert: क्या सोना-चांदी बनेंगे निवेशकों के लिए सुरक्षित ढाल? ट्रंप के फैसले से मची हलचल

एस जयशंकर और मार्को रूबियो की बैठक, भारत-अमेरिका संबंधों को प्रगाढ़ करने पर चर्चा

Advertisement

ट्रंप प्रशासन भारत के साथ आर्थिक संबंधों को बढ़ाने और अनियमित आव्रजन मुद्दों के हल पर प्रतिबद्ध। रणनीतिक सहयोग, रक्षा, ऊर्जा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विस्तार से चर्चा।

Last Updated- January 22, 2025 | 10:53 PM IST
Jaishankar_ Marco Rubio

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक की और कहा कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का प्रशासन भारत के साथ आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाना चाहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अनियमित आव्रजन से जुड़े मुद्दों का भी हल निकालना चाहता है। रूबियो की प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

रूबियो (53) ने सबसे पहले भारत के विदेश मंत्री के साथ पहली द्विपक्षीय बैठक करने को तरजीह दी, जिससे एक प्रकार से यह संदेश गया कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने को काफी अहमियत देता है। उन्होंने चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) की मंत्रिस्तरीय बैठक के तुरंत बाद विदेश मंत्रालय के ‘फॉगी बॉटम’ मुख्यालय में जयशंकर से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बैठक के बाद एक बयान में कहा, ‘रूबियो ने भारत के साथ आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने और अनियमित आव्रजन से जुड़े मुद्दों को हल करने की ट्रंप प्रशासन की इच्छा को रेखांकित किया।’

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि दोनों शीर्ष राजनयिकों ने भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। ब्रूस ने कहा, ‘उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों और अमेरिका-भारत संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के अवसरों सहित महत्त्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा सहयोग, ऊर्जा और स्वतंत्र एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को आगे बढ़ाने जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की।’

बैठक के बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि वह विदेश मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने वाले रूबियो के साथ पहली द्विपक्षीय बैठक करके प्रसन्नता महसूस कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा, ‘व्यापक द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा की जिसके रूबियो मजबूत समर्थक रहे हैं। साथ ही विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए। दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग आगे बढ़ाने के वास्ते उनके साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।’

जयशंकर अमेरिकी सरकार के निमंत्रण पर डॉनल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने यहां आए हैं। ट्रंप ने सोमवार को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।

Advertisement
First Published - January 22, 2025 | 10:53 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement