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ईरान की अमेरिका को दोटूक: अगर जमीनी हमला हुआ तो देंगे करारा जवाब, झुकने का सवाल नहीं

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ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका बातचीत करने का दिखावा करने के बीच जमीनी हमले की तैयारी में जुटा है और अपने सैनिकों का जमावड़ा कर रहा है

Last Updated- March 29, 2026 | 9:45 PM IST
Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप | फाइल फोटो

ईरान ने रविवार को कहा कि वह जमीनी हमला करने के अमेरिका के मंसूबे का करारा जवाब देने के लिए तैयार है। उसने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह बातचीत करने का दिखावा करने के बीच जमीनी हमले की तैयारी में जुटा है और अपने सैनिकों का जमावड़ा कर रहा है। इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध बंद कराने के लिए पाकिस्तान में बातचीत का सिलसिला जारी है।

पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्री इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध रोकने के उपायों पर चर्चा करने के लिए मिलने वाले थे । इन सब के बीच ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह बातचीत के संदेश भेजकर गुपचुप तरीके से अपनी जमीनी सेना भेजने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सेना तैनात की गई तो ईरान जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने राष्ट्र के नाम एक संदेश में कहा,‘अमेरिका के आगे ईरान कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगा। हम कभी भी अपमान स्वीकार नहीं करेंगे।’

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के साथ 28 फरवरी को शुरू हुआ यह युद्ध पूरे पश्चिम एशिया में फैल चुका है। यमन में ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों शनिवार को संघर्ष की शुरुआत के बाद इजरायल पर पहली बार मिसाइलों से हमला किया। ये हमले वैश्विक जल परिवहन के लिए एक नए संभावित खतरे की ओर इशारा करते हैं।

अमेरिकी मरीन पहुंचने लगे पश्चिम एशिया

अमेरिकी सेना ने बताया है कि पश्चिम एशिया में हजारों मरीन सैनिक भेजे गए हैं। अमेरिकी समाचार पत्र वॉशिंगटन पोस्ट ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले जमीनी अभियानों की तैयारी कर रहा है जिसमें संभवतः विशेष अभियान दल और पारंपरिक जमीनी सेना के छापे शामिल होंगे।

इस अखबार के अनुसार राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप जमीनी सैनिकों की तैनाती की योजनाओं को मंजूरी देंगे या नहीं इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पेंटागन ने ऐसे सैन्य विकल्पों पर विचार किया है जिनमें जमीनी सेना शामिल हो सकती है।

विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि अमेरिका जमीनी सैनिकों के बिना भी अपने लक्ष्य हासिल कर सकता है मगर ट्रंप को ‘अधिकतम’ विकल्प देने के लिए क्षेत्र में सेना तैनात की जा रही है।

पाकिस्तान में बातचीत

अमेरिका और तेहरान के बीच युद्ध विराम कराने के प्रयासों में जुटा संभावित मध्यस्थ पाकिस्तान ने रविवार को वार्ता की मेजबानी की। इससे पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इस्लामाबाद में तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बैठकें कीं।

दूसरी तरफ सैन्य स्तर पर भी संपर्क जारी है। एक सूत्र के अनुसार पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जे डी वेंस के साथ नियमित संपर्क में हैं। एक सूत्र ने बताया कि तुर्किये तनाव कम करने के लिए जरूरी होर्मुज स्ट्रेट खोलने के प्रस्ताव पर अन्य देशों के साथ काम कर रहा है। अमेरिका ने पिछले सप्ताह कहा था कि उसने ईरान को 15-सूत्री युद्ध विराम योजना की पेशकश की है जिसमें जलमार्ग फिर खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव शामिल है। मगर ईरान ने यह योजना ठुकरा दी और अपनी तरफ से कुछ शर्तें रख दीं।

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First Published - March 29, 2026 | 9:45 PM IST

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