facebookmetapixel
Advertisement
बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 583 अंक टूटा, क्रूड ऑयल और ईरान-अमेरिका तनाव ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशनHindustan Unilever Q4 Results: मुनाफा 21.4% उछला, निवेशकों को मिलेगा ₹22 का बंपर डिविडेंडकॉग्निजेंट में छंटनी का ‘प्रोजेक्ट लीप’: 15,000 कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी, भारत में सबसे ज्यादा असरफेडरल बैंक का बड़ा दांव: स्टैंडर्ड चार्टर्ड के 4.5 लाख क्रेडिट कार्ड खरीदेगा, जानिए क्या है मेगा डील?यूरिया उत्पादन पर नहीं पड़ा युद्ध का साया, पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने बढ़ाई खाद की उपलब्धताNBFC की बढ़ी बैंकों पर निर्भरता: बॉन्ड यील्ड में उछाल के बाद कर्ज के लिए बैंकों की ओर मुड़ी कंपनियांEditorial: पश्चिम एशिया संकट और क्रूड की बढ़ती कीमत से महंगाई का नया झटकाIBC में बदलाव: घर खरीदारों पर बढ़ा फोकस, अब अधर में लटके सपनों और अटके कर्ज को मिलेगी नई उम्मीदGST दरों में कटौती: क्या वाकई बढ़ी बाजारों में रौनक या ग्राहकों ने खींच लिए हाथ?AI में निवेश का असर: गूगल की पेरेंट कंपनी ने कमाई में तोड़े सारे अनुमान, रिजल्ट के बाद शेयर बना रॉकेट

भारतीय-अमेरिकी लैब मालिक मेडिकेयर घोटाले में दोषी करार

Advertisement
Last Updated- December 17, 2022 | 10:59 AM IST
fraud

अटलांटा में भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक मीनल पटेल को मेडिकेयर स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम से धोखाधड़ी कर आनुवंशिक जांच के 44.75 करोड़ डॉलर के घोटाले में दोषी ठहराया गया है।

संघीय अभियोजकों ने बताया कि लैबसॉल्यूशंस एलएलसी की मालिक पटेल ने मरीजों के ब्रोकर, टेलीमेडिसिन कंपनियों और कॉल सेंटरों के साथ साजिश रच कर मेडिकेयर बीमा के लाभार्थियों को फोन करके झूठ बोला कि वे अपने बीमा के तहत कैंसर की महंगी आनुवंशिक जांच भी करा सकते हैं।

न्याय विभाग ने बताया कि जब मेडिकेयर के लाभार्थी जांच कराने के लिए राजी हो जाते तो पटेल टेलीमेडिसिन कंपनियों से जांच की मंजूरी देने वाले डॉक्टर के हस्ताक्षर वाले पर्चे हासिल करने के लिए मरीजों के ब्रोकर को रिश्वत देती थी।

फ्लोरिडा में एक संघीय अदालत ने पटेल को स्वास्थ्य देखभाल धोखाधड़ी, अमेरिका से धोखाधड़ी करने के लिए साजिश रचने, स्वास्थ्य देखभाल संबंधी रिश्वत लेने और देने तथा धनशोधन की साजिश रचने के आरोपों में दोषी ठहराया गया है।

एक मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, पटेल को सात मार्च 2023 को सजा सुनायी जाएगी और उसे अधिकतम 20 साल की जेल की सजा हो सकती है।

Advertisement
First Published - December 17, 2022 | 10:59 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement