facebookmetapixel
Advertisement
Trump के नए टैरिफ प्लान से Pharma Stocks में हड़कंप! Glenmark, Biocon और Aurobindo के शेयर 3% तक लुढ़केAI पर सख्त नियमों की तैयारी! सेफ हार्बर से लेकर डेटा अधिकार तक बड़े बदलाव पर विचारट्रंप का ऐलान! अगस्त 2028 से जेनेरिक दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ, भारत के निर्यात को लग सकता है झटकाDBT योजनाओं का दूसरा पहलू! रिसर्च ने बताए फायदे, लेकिन लाभार्थियों की छंटनी ने बढ़ाई चिंताStock Market Update: शेयर बाजार में गिरावट जारी! सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के नीचे; IndiGo-Cipla ने बढ़ाई टेंशनअब जमीन बनेगी डिजिटल टोकन! महाराष्ट्र ला रहा है देश का पहला ब्लॉकचेन लैंड कानूनHavells के नतीजों में बड़ा ट्विस्ट! बिक्री बढ़ी, लेकिन घट गया मुनाफा; जानें क्यों बढ़ी निवेशकों की चिंताअब Hybrid Funds में मिलेगा ज्यादा संतुलन? SEBI के नए नियम के बाद लॉन्च होंगी नई स्कीमेंबड़ी कंपनियों की मनमानी पर लगेगी लगाम? CCI को संसद की सख्त सलाह, MSME और स्टार्टअप्स को मिलेगी सुरक्षाकैंसर इलाज में Lupin की नई रणनीति! 2 ऑन्कोलॉजी प्रोग्राम हुए अलग, Kaveri Therapeutics जुटाएगी फंड

भारतीय-अमेरिकी लैब मालिक मेडिकेयर घोटाले में दोषी करार

Advertisement
Last Updated- December 17, 2022 | 10:59 AM IST
fraud

अटलांटा में भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक मीनल पटेल को मेडिकेयर स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम से धोखाधड़ी कर आनुवंशिक जांच के 44.75 करोड़ डॉलर के घोटाले में दोषी ठहराया गया है।

संघीय अभियोजकों ने बताया कि लैबसॉल्यूशंस एलएलसी की मालिक पटेल ने मरीजों के ब्रोकर, टेलीमेडिसिन कंपनियों और कॉल सेंटरों के साथ साजिश रच कर मेडिकेयर बीमा के लाभार्थियों को फोन करके झूठ बोला कि वे अपने बीमा के तहत कैंसर की महंगी आनुवंशिक जांच भी करा सकते हैं।

न्याय विभाग ने बताया कि जब मेडिकेयर के लाभार्थी जांच कराने के लिए राजी हो जाते तो पटेल टेलीमेडिसिन कंपनियों से जांच की मंजूरी देने वाले डॉक्टर के हस्ताक्षर वाले पर्चे हासिल करने के लिए मरीजों के ब्रोकर को रिश्वत देती थी।

फ्लोरिडा में एक संघीय अदालत ने पटेल को स्वास्थ्य देखभाल धोखाधड़ी, अमेरिका से धोखाधड़ी करने के लिए साजिश रचने, स्वास्थ्य देखभाल संबंधी रिश्वत लेने और देने तथा धनशोधन की साजिश रचने के आरोपों में दोषी ठहराया गया है।

एक मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, पटेल को सात मार्च 2023 को सजा सुनायी जाएगी और उसे अधिकतम 20 साल की जेल की सजा हो सकती है।

Advertisement
First Published - December 17, 2022 | 10:59 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement