facebookmetapixel
Advertisement
इंडोनेशिया ने रद्द कर दिया 70,000 वाहनों का ऑर्डर? टाटा मोटर्स सीवी का आया बयान, अटकलों पर लगाया विरामChandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण आज, जानें सूतक काल और भारत में दिखने का समयUS–Iran टकराव बढ़ा तो क्या होगा सेंसेक्स-निफ्टी का हाल? इन सेक्टर्स को सबसे ज़्यादा जोखिममोटापा घटाने वाली दवाएं: फास्ट फूड और कोल्ड ड्रिंक कंपनियों के लिए खतरा या मौका?Aviation sector: इंडिगो की वापसी, लेकिन पश्चिम एशिया संकट और महंगा ईंधन बना खतराUS Israel-Iran War: सुरक्षा चेतावनी! अमेरिका ने 14 देशों से नागरिकों को तुरंत बाहर निकलने का निर्देश दियाTrump ने दी चेतावनी- ईरान पर हमला 4-5 हफ्तों तक रह सकता है जारी, जरूरत पड़ी तो और बढ़ेगा!Stock Market Holiday: NSE और BSE में आज नहीं होगी ट्रेडिंग, जानें पूरा शेड्यूलपश्चिम एशिया में जंग से दहला दलाल स्ट्रीट: सेंसेक्स 1048 अंक टूटा, निवेशकों के ₹6.6 लाख करोड़ डूबेभारतीय चाय पर ईरान संकट का साया: भुगतान अटके और शिपमेंट पर लगी रोक, निर्यातकों की बढ़ी चिंता

भारत का मानना है कि कनाडा हिंसा, आतंकवाद को गंभीरता से नहीं लेता: Justin Trudeau

Advertisement

ustin Trudeau Prime Minisट्रूडो के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं था कि कथित हस्तक्षेप किसी शरारती तत्व ने किया था या यह भारत सरकार के किसी जिम्मेदार सदस्य के निर्देश पर हुआ था।

Last Updated- October 17, 2024 | 10:29 AM IST
India Canada diplomatic row: Indian High Commissioner accuses Canadian Prime Minister of ruining bilateral relations भारतीय उच्चायुक्त ने कनाडाई प्रधानमंत्री पर द्विपक्षीय संबंधों को बर्बाद करने का लगाया आरोप
Canadian PM Justin Trudeau

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बुधवार को कहा कि भारत का मानना ​​है कि कनाडा हिंसा, आतंकवाद या घृणा भड़काने के अपराध को गंभीरता से नहीं लेता है। ट्रूडो ने संघीय चुनाव प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं में विदेशी हस्तक्षेप के संदर्भ में सार्वजनिक जांच के दौरान गवाही देते हुए कहा कि कनाडा सरकार यह पता लगाने के लिए भारत से मदद मांग रही है कि क्या कथित हस्तक्षेप और हिंसा किसी शरारती तत्व द्वारा की गई थी या सरकार में किसी उच्च पदस्थ व्यक्ति द्वारा निर्देशित थी।

ट्रूडो के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं था कि कथित हस्तक्षेप किसी शरारती तत्व ने किया था या यह भारत सरकार के किसी जिम्मेदार सदस्य के निर्देश पर हुआ था। ट्रूडो ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह बेहद अहम सवाल है और यह एक ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर पता लगाने के लिए हम भारत सरकार से सहायता करने के लिए बार-बार कह रहे हैं। हम इस सवाल की तह तक जाना चाहते हैं कि क्या यह सरकार के भीतर किसी संभावित शरारती तत्व का काम है या फिर यह भारत सरकार का अधिक व्यवस्थित प्रयास है…।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हम शुरुआत से भारत सरकार से इन आरोपों को गंभीरता से लेने और जांच शुरू करने के लिए कह रहे हैं। हम चाहते हैं कि इसकी तह तक जाने के प्रयास में वे हमारे साथ काम करें जिससे यह पता लगाया जा सके कि कनाडा की संप्रभुता का यह घोर उल्लंघन वास्तव में कैसे हुआ।’’

ट्रूडो ने कहा, ‘‘मैं वास्तव में कहना चाहूंगा कि इसके दो लक्ष्य हो सकते हैं। पहला यह कि कनाडा के लोगों, खास तौर पर दक्षिण एशियाई कनाडा के लोगों को अपने ही देश में कम सुरक्षित महसूस कराना। दूसरा यह कि अपनी उस बात को सही साबित करने की कोशिश करना, जो भारत सरकार काफी समय से कनाडा के बारे में साबित करने का प्रयास कर रही है कि हमारा देश हिंसा या आतंकवाद या घृणा भड़काने के अपराध को गंभीरता से नहीं लेता, जो पूरी तरह से गलत है। भारत यह बताने में नाकाम रहा है कि कनाडा हिंसा को रोकने में कैसे कथित तौर पर विफल रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि भारत सरकार के लोगों ने कनाडा में हिंसा फैलाने और गैरकानूनी गतिविधियां करने का निर्णय ले लिया है, ताकि वे यह दर्शा सकें कि कनाडा में हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियां जारी हैं और मेरा मानना ​​है कि एक संप्रभु लोकतंत्र के रूप में यह अत्यंत घृणित दृष्टिकोण है।’’

ट्रूडो ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कनाडा भारत को भड़काने या उसके साथ विवाद खड़ा करने की कोशिश नहीं कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार का यह सोचना उनकी बड़ी भूल है कि वे कनाडा की सुरक्षा और संप्रभुता में आक्रामकता से हस्तक्षेप कर सकते हैं, जैसा कि उन्होंने किया है। हमें कनाडा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवाब देने की आवश्यकता है। हम आगे और क्या कदम उठाएंगे, यह समय आने पर तय होगा लेकिन हर कदम पर हमारी एकमात्र सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हम सभी कनाडाई लोगों को सुरक्षित रखें।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या कनाडा भारत के साथ खुफिया जानकारी साझा करने को लेकर 2018 में हुए समझौते को निलंबित करेगा, इस पर ट्रूडो ने कहा, ‘‘हम भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता में विश्वास करते हैं। हम उसका सम्मान करते हैं। हम निश्चित रूप से भारत से कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करने की अपेक्षा करते हैं, जो इस मामले में उन्होंने नहीं किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह भी अत्यंत महत्वपूर्ण है कि दुनिया के हर कोने से इस देश में आने वाले लोग यह समझें कि कनाडा में रहते हुए वे अपनी पसंद की राजनीतिक मान्यताएं रखने के लिए स्वतंत्र हैं।’’

एक सवाल के जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशी हस्तक्षेप के संभावित स्रोत के रूप में भारत सरकार का मुद्दा केवल पिछले सप्ताहों या पिछले वर्ष में ही सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, ‘‘कनाडा की खुफिया एजेंसियां ​​पिछले कई साल से यह जानकारी जुटा रही हैं। हम लगातार दूसरे देशों के बदलते तरीकों के अनुसार खुद को ढाल रहे हैं और समायोजित कर रहे हैं क्योंकि वे कनाडा में अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग तकनीकों, अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं और हम कनाडा के लोगों को सुरक्षित रखने, अपने संस्थानों और लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए आवश्यकतानुसार कदम उठाना जारी रखेंगे।’’

Advertisement
First Published - October 17, 2024 | 10:29 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement