भारत और अफ्रीकी संघ ने नई दिल्ली में 28 से 31 मई के बीच आयोजित होने वाले भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन को इबोला वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर स्थगित करने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अफ्रीका के कुछ हिस्सों में स्वास्थ्य की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए सम्मेलन स्थगित किया जा रहा है। हालांकि, बयान में इबोला वायरस के प्रसार के कारण उत्पन्न हो रही स्वास्थ्य आपातकाल का विशेष रूप से उल्लेख नहीं किया गया।
यह भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन 11 साल के अंतराल के बाद होने वाला था। इसके पिछले तीन संस्करण 2008, 2011 और 2015 में आयोजित किए गए थे। यह शिखर सम्मेलन अफ्रीका के साथ भारत के व्यापार, निवेश और विकासात्मक कार्यों का विस्तार करने के प्रयास का हिस्सा था। शिखर सम्मेलन के साथ-साथ कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने थे, जिनमें व्यापारिक बैठकें और 1-2 जून को इंटरनैशनल बिग कैट अलायंस का पहला शिखर सम्मेलन भी शामिल था।
कॉन्गो लोकतांत्रिक गणराज्य इबोला के प्रकोप का सामना कर रहा है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता के मद्देजर इसे आपातकाल घोषित कर दिया है। कॉन्गो में इबोला से अब तक 136 लोगों की मौत होने की आशंका है। भारत ने आगामी शिखर सम्मेलन में अफ्रीका महाद्वीप के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक महत्त्वाकांक्षी रूपरेखा पेश करने की योजना बनाई थी।
भारत ने इससे पहले अक्टूबर 2015 में भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और अफ्रीकी संघ ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में उत्पन्न हो रही स्वास्थ्य स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और अफ्रीका सीडीसी और संबंधित राष्ट्रीय संस्थानों को समर्थन सहित पूरे महाद्वीप में सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करने में निरंतर सहयोग के महत्त्व को दोहराया।