facebookmetapixel
Advertisement
Loan लेने की सोच रहे हैं? पहले पहचान लें ये 6 खतरे, एक गलती पड़ सकती है जेब पर भारीतेल महंगा, सोना सस्ता! पश्चिम एशिया की जंग में ‘सेफ हेवन’ गोल्ड क्यों नहीं चढ़ रहा?Equity Funds: इक्विटी होल्डिंग में कौनसा फंड हाउस रहा अव्वल? अगस्त में इन 5 फंड्स का रहा जलवा250,000 नौकरियां! त्योहारी सीजन से पहले Flipkart ने खोला नौकरियों का पिटारामहंगी हो रही खाने की थाली, प्याज 50% तो अदरक 70% से ज्यादा महंगा; बारिश और जंग ने बढ़ाई परेशानीNPCI ने UPI पर चार्ज लगाने के लिए बैंकों से शुरू की चर्चा, ₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर लगेगी फीस!गिरावट या मौका? सेंसेक्स से ज्यादा टूटे ये 10 दिग्गज शेयर, 5 साल के औसत से 30-50% तक हुआ सस्ताPM Kisan 24th Installment: सिर्फ e-KYC ही नहीं, इन 3 चीजों में भी गलती हुई तो रुक सकता है भुगतानघर-जमीन में अब भी भारतीयों की 57% दौलत, अगले 10 साल में बदल सकती है तस्वीरबैंकिंग सिस्टम से RBI ने निकाले ₹3.93 लाख करोड़, VRRR नीलामी के जरिए सोखी अतिरिक्त नकदी

भूटान पर सीमा संबंधी मुद्दों को जल्द सुलझाने का दबाव बना रहा चीन

Advertisement

चीन और भूटान के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन दोनों देशों के अधिकारी समय-समय पर दौरों के जरिये द्विपक्षीय संवाद बनाए रखते हैं।

Last Updated- October 24, 2023 | 5:52 PM IST
China

चीन भूटान पर खुद के साथ राजनयिक संबंध कायम करने और सीमा संबंधी मुद्दों को “जितनी जल्दी हो सके” सुलझाने का दबाव बना रहा है, ताकि दोनों पड़ोसी देशों के बीच रिश्तों को “कानूनी रूप” दिया जा सके।

चीन-भूटान के बीच सीमा वार्ता में शामिल होने के लिए बीजिंग पहुंचे भूटान के विदेश मंत्री डॉ. टांडी दोर्जी ने सोमवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की।

चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इस दौरान वांग ने दोर्जी से कहा कि राजनयिक संबंधों की बहाली दोनों देशों के दीर्घकालिक हितों को पूरा करेगी।

वांग ने कहा, “सीमा वार्ता का समापन और चीन-भूटान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना दोनों देशों के दीर्घकालिक एवं मौलिक हितों की पूरी तरह से पूर्ति करेगा।”

उन्होंने दोर्जी से कहा, “चीन भूटान के साथ समान दिशा में काम करने, ऐतिहासिक अवसर का लाभ उठाने, इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने और चीन-भूटान के बीच दोस्ताना रिश्तों को कानूनी रूप में विकसित करने के लिए तैयार है।”

वांग चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के शक्तिशाली पोलित ब्यूरो के भी सदस्य हैं। विज्ञप्ति में दोर्जी के हवाले से कहा गया है कि भूटान और चीन के बीच पारंपरिक दोस्ती रही है। उन्होंने भूटान को मजबूत समर्थन और सहायता देने के लिए बीजिंग का आभार जताया।

विज्ञप्ति के अनुसार, दोर्जी ने कहा कि भूटान ‘एक-चीन सिद्धांत’ का दृढ़ता से समर्थन करता है, जिसका अर्थ है कि ताइवान और तिब्बत चीन का हिस्सा हैं और वह सीमा मुद्दे के जल्द समाधान के लिए चीन के साथ काम करने तथा राजनयिक संबंध कायम करने की राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

चीन और भूटान के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन दोनों देशों के अधिकारी समय-समय पर दौरों के जरिये द्विपक्षीय संवाद बनाए रखते हैं।

चीन ने अपने 12 अन्य पड़ोसी देशों के साथ सीमा विवाद सुलझा लिया है, लेकिन भारत और भूटान दो ऐसे देश हैं, जिन्होंने बीजिंग के साथ सीमा समझौतों पर अभी दस्तखत नहीं किए हैं। भाषा पारुल पवनेश

Advertisement
First Published - October 24, 2023 | 5:52 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement