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मुश्किल में बोइंग की उड़ान

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Last Updated- December 10, 2022 | 5:23 PM IST

बोइंग कंपनी की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। विमानों की सुपुर्दगी में हो रही देरी उसके गले में फांस की तरह अटक गई है।


कंपनी अपने नए 787 ड्रीमलाइनर  विमान सौपने की तारीख कल तीसरी बार घोषित करेगी। जहाज बनाने वाली दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बोइंग इससे पहले भी दो बार जहाजों की सुपुर्दगी करने का ऐलान कर चुकी है।


अगर इस बार भी यही हुआ तो कंपनी के निवेशको  में असंतोष फैल सकता है। एडमिरैल्टी पार्टनर्स इंक के मुखिया जॉन कुटलर का कहना है कि हर बार जब कंपनी निर्धारित समय पर जहाज सौंपने से चूकती है तो ऐसा लगता है जैसे उसे पता ही नहीं है कि समस्या क्या है। अपनी साख वापस पाने के लिए कंपनी को खासी मशक्कत करनी होगी।


इंटरनेशनल लीज फाइनेंस कॉर्प का कहना है कि अक्तूबर में ही दो बार सुपुर्दगी की तारीख बताने के बाद भी ऐसा न होने के कारण ही बोइंग का बाजार मूल्य 26 फीसदी गिर गया है।

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First Published - April 8, 2008 | 10:22 PM IST

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