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निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति सही- सुप्रीम कोर्ट

पीठ ने केंद्र से छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई पांच अगस्त को नियत की।

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भाषा   
Last Updated- March 21, 2024 | 11:26 PM IST

उच्चतम न्यायालय ने दो नए निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली याचिकाएं गुरुवार को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव नजदीक हैं और इससे ‘अव्यवस्था और अनिश्चितता’ की स्थिति बनेगी।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता के पीठ ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यालय शर्तें) अधिनियम, 2023 पर भी अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि वह अधिनियम, 2023 की वैधता को चुनौती देने वाली मुख्य याचिकाओं पर गौर करेगी।

पीठ ने केंद्र से छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई पांच अगस्त को नियत की। नए कानून को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं से पीठ ने कहा, ‘इस समय हम कानून पर रोक नहीं लगा सकते। इससे अव्यवस्था और अनिश्चितता की स्थिति पैदा होगी और हम अंतरिम आदेश के माध्यम से इस पर रोक नहीं लगा सकते। नए निर्वाचन आयुक्तों पर कोई आरोप नहीं हैं।’

याचिकाकर्ताओं ने अदालत से निर्वाचन आयुक्तों की हालिया नियुक्ति पर लगाने का अनुरोध किया। पीठ ने कहा, ‘हम नियुक्ति पर रोक की अर्जियों को खारिज करते हैं।’ शीर्ष अदालत कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें कांग्रेस नेता जया ठाकुर और एनजीओ ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ द्वारा दायर याचिकाएं भी शामिल हैं।

First Published : March 21, 2024 | 11:26 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)