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West Asia Crisis: PM ने बुलाई हाई-लेवल बैठक, तेल-गैस-लॉजिस्टिक्स की सुरक्षित सप्लाई पर हुई चर्चा

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बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर जैसे कई बड़े मंत्री मौजूद थे

Last Updated- March 22, 2026 | 7:19 PM IST
Narendra Modi
वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी | फोटो: PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति को लेकर तेल, गैस, पेट्रोलियम उत्पादों, बिजली और खाद के स्टॉक की समीक्षा की गई। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर रहा कि देश में इन जरूरी चीजों की सप्लाई कहीं भी न रुके, लॉजिस्टिक्स मजबूत रहे और सामान सही तरीके से लोगों तक पहुंचता रहे। प्रधानमंत्री ने इस पर विस्तार से बात की और कहा कि हालात संभालने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है और हर जरूरी कदम उठाएगी।

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जैसे कई बड़े मंत्री मौजूद थे। इसके अलावा सर्बानंद सोनोवाल, मनोहर लाल खट्टर, प्रह्लाद जोशी, राममोहन नायडू और हरदीप सिंह पुरी जैसे कई बड़े केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ-साथ प्रधानमंत्री के दो प्रधान सचिव पीके मिश्रा और शक्तिकांत दास भी बैठक में थे।

Also Read: सरकार का बड़ा कदम: अब 10 दिन में मिलेगा PNG कनेक्शन, कमर्शियल LPG का कोटा बढ़ाकर किया दोगुना

पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत पर असर

फिलहाल पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर दिख रहा है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और उसके खाड़ी के पड़ोसी देशों को निशाना बनाया।

ईरान के नियंत्रण वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है, लेकिन तनाव बढ़ने के बाद यहां से अब बहुत कम जहाज गुजर पा रहे हैं। इसका असर कई देशों की ऊर्जा सप्लाई पर पड़ा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है, क्योंकि हम अपनी तेल-गैस की बड़ी जरूरत इसी इलाके से पूरी करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मार्च को कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहा यह युद्ध दुनियाभर में ऊर्जा संकट खड़ा कर रहा है और यह हमारे देश की एकता और धैर्य की भी परीक्षा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में आई रुकावटों को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है।

संघर्ष शुरू होने के बाद से पीएम मोदी सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस, मलेशिया, इजरायल और ईरान जैसे कई देशों के नेताओं से फोन पर बात कर चुके हैं। सरकार का फोकस इस बात पर है कि उपभोक्ताओं और उद्योगों के हित सुरक्षित रहें।

(PTI के इनपुट के साथ)

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First Published - March 22, 2026 | 7:04 PM IST

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