मॉनसून सीजन के तीन महीने बीतने बाद वर्षा की गति और धीमी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि सितंबर के महीने में पूरे देश में सामान्य से कम पानी बरसने की संभावना है। कम बारिश का रुझान बरसात के पहले महीने जून से ही जारी है, जो आगे भी दिखाई देगा। अब तक देश के 47 फीसदी हिस्से में सामान्य से कम या बहुत कम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने कहा कि अल-नीनो की स्थिति मजबूत होने का मतलब यह है कि सितंबर में देश के उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व, पूर्वी-मध्य और दक्षिण-पूर्व प्रायद्वीप में कुछ हिस्सों को छोड़कर सामान्य से कम बारिश हो सकती है। यह महीना देश के अधिकांश हिस्सों के लिए सामान्य से अधिक गर्म रहने की भी संभावना है।
इसमें कहा गया है कि सितंबर में वर्षा लंबी अवधि के औसत के 91 फीसदी से कम रहने की संभावना है। बरसात के अंतिम महीने के लिए वर्षा का दीर्घावधि औसत लगभग 167.9 मिलीमीटर है।
सितंबर में मॉनसून का सामान्य से कम रहना और तापमान में वृद्धि होना खड़ी फसलों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है, जिसका सीधा असर पैदावार पर देखने को मिलेगा। खासकर जहां देर से बुआई हुई है या पर्याप्त सिंचाई सुविधाओं की कमी है, ऐसे क्षेत्रों में फसल की पैदावार घटने की आशंका है।
मौसम विभाग ने कहा, ‘अल-नीनो के फरवरी या मार्च में ही वापस लौटने या कमजोर पड़ने की उम्मीद है।’ विभाग ने कहा कि जून से अगस्त तक मॉनसून की बारिश में 13.8 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। अकेले अगस्त के दौरान 16.3 फीसदी की वर्षा की कमी देखी गई है। ऐसा तब हुआ जब पूरे महीने में चार निम्न दबाव के क्षेत्र बने और इनका प्रभाव 26 दिन तक देखने को मिला।
मौसम विभाग ने कहा कि 31 अगस्त तक देश के लगभग 350 जिलों या कुल 47 फीसदी हिस्से में सामान्य से कम या बहुत कम बारिश हुई है। भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में वर्षा की कमी और मध्यम से मजबूत अल-नीनो की स्थिति के कारण अगस्त 1901 के बाद सबसे गर्म दर्ज किया गया। पूरे महीने का औसत तापमान 28.01 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून सीजन के बीते तीन महीनों के दौरान अब तक तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे दक्षिणी प्रायद्वीपीय राज्यों में वर्षा में 24.2 फीसदी की कमी दर्ज की गई है, जबकि देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर भाग में 25.7 फीसदी की कमी आई है। पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, दक्षिणी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और मेघालय जैसे राज्यों में मॉनसून के सीजन में अब तक सामान्य से कम बारिश देखी गई है।