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मजबूत परिदृश्य से विप्रो के लिए गिरावट सीमित

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Last Updated- December 11, 2022 | 10:36 PM IST

एक्सेंचर के मजबूत परिदृश्य और ताजा अधिग्रहण के बाद आईटी शेयरों में तेजी आई थी। इससे विप्रो के शेयर भाव में पिछले सप्ताह 5 प्रतिशत की तेजी को बढ़ावा मिला था। इस ताजा तेजी से शेयर को इस अवधि के दौरान बीएसई आईटी सूचकांक को मात देने में मदद मिली।
सोमवार को बाजार बंद होने के बाद वप्रो ने घोषणा की थी कि उसने अमेरिका स्थित एडगिल का अधिग्रहण किया। एडगिल जोखिम एवं अनुपालन, सूचना एवं क्लाउड सुरक्षा और डिजिटल पहचान केंद्रित साइबर सुरक्षा परामर्श प्रदाता कंपनी है। 23 करोड़ डॉलर का यह अधिग्रहण इस वित्त वर्ष में साइबर सुरक्षा क्षेत्र में कंपनी का दूसरा अधिग्रहण है और आस्ट्रेलियाई कंपनी एम्पियन के 11.7 करोड़ रुपये डॉलर की खरीदारी के बाद किया गया।
एम्पियन से पहले कंपनी ने यूरोप और अमेरिका में वित्तीय सेवा क्षेत्र की आईटी सेवा परामर्श कंपनी कैपको का अधिग्रहण किया था। 1.5 अरब डॉलर के इस अधिग्रहण में कैपको का साइबर सुरक्षा व्यवसाय भी शामिल था।
अपनी महत्वपूर्ण निवेश इकाई विप्रो वेंचर्स के जरिये विप्रो अपनी साइबर सुरक्षा क्षमता को मजबूत बनाने के लिए नवीनतम साइबर सुरक्षा स्टार्टअप में निवेश भी कर रही है।
अधिग्रहण के आकार को देखते हुए (वित्त वर्ष में विप्रो के राजस्व के करीब 0.5 प्रतिशत) एमके रिसर्च के दीपेश मेहता और मोनितव्यास को आय अनुमानों में ज्यादा बदलाव के आसार नहीं दिख रहे हैं। लेकिन अधिग्रहण से कंपनी की साइबर सुरक्षा सेवाओं को मजबूती मिलने की संभावना है और इससे ग्लोबल-2000 उद्यमियों में साइबरसुरक्षा कंसल्टिंग के लिए तेजी से बढ़ रही मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
प्रौद्योगिकी शोध एवं कंसल्टिंग फर्म गार्टनर के अनुसार साइबरसुरक्षा बाजार का आकार 150 अरब डॉलर पर अनुमानित है और वर्ष 2021-25 के दौरान यह 11 प्रतिशत की सालाना दर से बढऩे की संभावना है। यह प्रमुख आईटी सेवा बाजार के मुकाबले ज्यादा है, जो समान अवधि के दौरान 8 प्रतिशत की दर से बढऩे का अनुमान है।
जहां ये सौदे विप्रो के लिए सकारात्मक हैं, वहीं जेफरीज के विश्लेषकों का मानना है कि अधिग्रहण का मूल्यांकन उसकी बिक्री के मकाबले उद्यम वैल्यू के 5.2 गुना की अधिग्रहण वैल्यू पर महंगा है। उनका यह भी कहा है कि विप्रो की वैल्यू 27 गुना एक वर्षीय आगामी आय अनुमानों के हिसाब से प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले महंगी दिख रही है। जेफरीज ने इस शेयर के लिए 600 रुपये का कीमत लक्ष्य रखा है जिससे मौजूदा स्तरों से इसमें 13 प्रतिशत की गिरावट का संकेत मिलता है।
हालांकि मूल्यांकन ऊपर है, लेकिन शेयर को क्षेत्र के लिए ऊंची विकास संभावनाओं की मदद से इस शेयर को लगातार समर्थन मिल सकता है।
जेएम फाइनैंशियल के मानिक तनेजा का कहना है, ‘हमें भारतीय आईटी कंपनियों के लिए वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही का आय सीजन मजबूत रहने की संभावना है जिसका ताजा एक्सेंचर परिणामों में स्पष्ट असर दिखा है। जहां आपूर्ति संबंधित दबाव बढऩे से चिंताएं बढ़ रही हैं, वहीं हम भारतीय आईटी क्षेत्र को 2004-08 के दौर में फिर से जाते देख रहे हैं और मांग मजबूत होने से बिक्री और मूल्य निर्धारण लाभ, दोनों में इजाफा हो सकता है।’
वृद्घि के अनुमान न सिर्फ दिसंबर तिमाही में हैं, बल्कि वित्त वर्ष 2023 के लिए भी हैं और इस वजह से मूल्यांकन को मदद मिल सकती है।

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First Published - December 26, 2021 | 11:58 PM IST

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