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निश्चित आय वाले फंडों से करें अपना पोर्टफोलियो फिर से संतुलित

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Last Updated- December 07, 2022 | 9:41 AM IST

कृपया मेरे म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो का अवलोकन करें और अपने सुझाव दें।  -संजय चौधरी


आपके म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो को देखने के बाद जो बात सबसे पहले हमारी पकड़ में आई वह थी फंड के चयन में नीतियों का अभाव। आईए, हम इस विस्तार को विस्तार से समझते हैं कि पोर्टफोलियो बनाने की प्रक्रिया में फंडों के चयन की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण क्यों है।



आपने साल 2007 से मई 2008 तक कुल मिलाकर 9,69,000 रुपये का निवेश 16 फंडों में किया है। हालांकि, इनमें से 9 फंड विल्कुल नये हैं और इसलिए इनकी रेटिंग भी नहीं हुई है। यह आपकी पहली भूल है। नये और बिना रेटिंग और ट्रैक रेकॉर्ड वाले फंडों में निवेश क्यों किया जाए जब बाजार में अच्छे प्रदर्शन करने वाले और बेहतर रेटिंग वाले फंड मौजूद हैं? नये फंडों की खरीदारी ब तक नहीं करनी चाहिए जब तक कि वे अपने प्रदर्शन से अपनी क्षमताओं को साबित नहीं कर देते।


इसके  अलावा अस्त व्यस्त तरीके से फंडों का चयन करना आपकी दूसरी भूल है। इससे आपका पोर्टफोलियो अधिक विविधिकृत और जोखिम भरा हो गया है।

आपके पोर्टफोलियो के लगभग 40 प्रतिशत का निवेश लार्ज कैप के शेयरों में किया गया है, जिय कारण शेष 60 प्रतिशत का आवंटन मिड और स्मॉल कैप के शेयरों में किया गया है जो अपेक्षाकृत अधिक है।


एक आदर्श पोर्टफोलियो में 70 प्रतिशत का आवंटन लार्ज कैप शेयरों में, 20 प्रतिशत का मिड-कैप शेयरों में और 10 प्रतिशत से कम का आवंटन स्मॉल कैप शेयरों में किया जाता है।


पहले से मौजूद अच्छे प्रदर्शन करने वाले फंडों में नियमित रुप से निवेश करना कालांतर में ऐ बेहतर और मुनाफे  वाला पोर्टफोलियो बनाता है।



आपके पोर्टफोलियो में निश्चित आय वाले तत्वों की कमी है, जो किसी भी पोर्टफोलियो के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अस्थिरता से बचाने में मदद करता है और आवधिक तौर पर आपके पोर्टफोलियो को पुनर्संतुलित करने में आपकी मदद भी करता है।

आपके द्वारा निवेशित म्युचुअल फंड के सभी शेयरों को जोड़ने के बाद हमें पता चला कि इसकी संख्या 333 है जिसमें से 94 प्रतिशत शेयरों का आवंटन एक प्रतिशत से कम है। इसलिए, अगर इनमें से किसी एक शेयर का प्रदर्शन अच्छा होता है तो इसका लाभकारी प्रभाव पोर्टफोलियो पर नहीं हो पाता।

अब आप समझ गए होंगे ज्यादा विविधिकरण पोर्टफोलियो को किस प्रकार नुकसान पहुंचाता है।


अब आपको क्या करना चाहिए

सबसे पहले आपको अपने पोर्टफोलियो में फंडों की संख्या घटानी चाहिए। इससे पोर्टफोलियो को 5-6 फंडों के माध्यम से, जिसमें टैक्स सेविंग फंड भी शामिल होंगे, पर्याप्त और उचित विशाखण में मदद मिलेगी।

वैसे फंडों को चुनें जिनकी रेटिंग अच्छी मतलब 4 या 5 सितारों की हो। इन फंडों का ट्रैक रिकॉर्ड जोखिम समायोजित प्रतिफल के नजरिये से अच्छा होना चाहिए।

पांच-छह फंडों के सहारे अपने पोर्टफोलियो को मजबूत बनाएं और ऐसे फंडों का चुनाव करें जो सेक्टर, भौगोलिक और कंपनियों के हिसाब से सुविशाखित हो।

पोर्टफोलियो को नए सिरे से तैयार करते समय टैक्स संबधी प्रावधानों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। एक साल से कम अवधि के लिए रखे गए इक्विटी फंडों से प्राप्त लाभों पर अल्पावधि का पूंजीगत अभिलाभ कर 15 प्रतिशत के हिसाब से लगाया जाता है।

 दीर्घावधि के पूंजीगत अभिलाभों पर कर नहीं लगाया जाता है। इसके अलावा योजनाबध्द निवेश योजनाओं के माध्यम से नियमित रुप से निवेश करते रहें। इस तरीके से निवेश करते रहने पर बाजार के उतर-चढ़ावों की ज्यादा चिंता नहीं होती है।

और अंत में, अपने पोर्टफोलियो में एक निश्चित आय का तत्व जोड़ लें। अपने पोर्टफोलियों की एक निश्चित राशि का निवेश ऋण फंडों या बैंकों की सावधि जमाओं में करें।

निश्चित आय योजनाएं पोर्टफोलियों के पुनर्संतुलन के साथ-साथ जोखिम प्रबंधन के प्रभावकारी उपकरण भी उपलब्ध कराते हैं।

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First Published - July 6, 2008 | 11:48 PM IST

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