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वजीरएक्स की सहायक ने की जीएसटी करवंचना

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Last Updated- December 11, 2022 | 10:29 PM IST

अप्रत्यक्ष कर विभाग ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज स्टार्टअप वजीरएक्स की सहायक जनमई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड के यहां करीब 40 करोड़ रुपये की जीएसटी करवंचना का पता लगाया है और जीएसटी बकाए के तौर पर उससे 49.2 करोड़ रुपये वसूली की है।
सीबीडीटी व कस्टम मुंबई जोन के सीजीएसटी ने ट्वीटर पर कहा, सीजीएसजी मुंबई ईस्ट कमेटी ने वजीरएक्स क्रिप्टो करेंसी के कमीशन पर 40.5 करोड़ रुपये की जीएसटी करवंचना का पता लगाया और जीएसटी, ब्याज व जुर्माने के तौर पर जनमई लैब्स से 30 दिसंबर को 49.2 करोड़ रुपये की वसूली की। वजीरएक्स के मुख्य कार्याधिकारी व संस्थापक निश्चल शेट्टी जनमई लैब्स के दो निदेशकों में से एक हैं। शेट्टी ने इस पर टिप्पणी करने से मना कर दिया, लेकिन जनमई के प्रवक्ता को संदर्भित कर दिया।
प्रवक्ता ने कहा, जनमई हर महीने करोड़ों रुपये का जीएसटी चुका रही है। इसके एक हिस्से को लेकर अस्पष्टता है, जिसकी वजह से चुकाए गए जीएसटी का आकलन अलग है। हालांकि सहयोग की खातिर हमने स्वैच्छिक तौर पर अतिरिक्त जीएसटी चुका दिया। हमारा करवंचना का कोई इरादा नहींं है। उन्होंंने कहा, हमारा मजबूती से मानना है कि भारतीय क्रिप्टो उद्योग के लिए नियामकीय स्पष्टता अभी वक्त की जरूरत है। यह हमें कराधान पर और स्पष्टता सामने रखेगा ताकि हम कानून के मुताबिक चल सकें और उद्योग की जवाबदेह कंपनी बने रहें।
सीबीआईसी के मुताबिक, वजीरएक्स से जुड़ा मामला उसकी खुद की करेंसी पेश करने को लेकर है, न कि उस पर जीएसटी चुकाने को लेकर।

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First Published - December 31, 2021 | 11:34 PM IST

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