Pranav Constructions IPO Allotment: मुंबई की रियल एस्टेट कंपनी Pranav Constructions के IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए आज, 10 सितंबर 2026 को अहम दिन है। ₹351.03 करोड़ के इस IPO का शेयर अलॉटमेंट स्टेटस आज जारी होने की उम्मीद है। निवेशक अपना अलॉटमेंट स्टेटस NSE, BSE और IPO के रजिस्ट्रार KFin Technologies की वेबसाइट पर ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।
अलॉटमेंट पूरा होने के बाद कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर लिस्टिंग 15 सितंबर 2026 को होने की संभावित तारीख तय की गई है।
Pranav Constructions IPO को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। BSE के आंकड़ों के मुताबिक, IPO को कुल 2,71,80,46,080 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, जबकि 2,24,63,137 शेयर ऑफर किए गए थे। इस तरह इश्यू कुल मिलाकर करीब 121 गुना सब्सक्राइब हुआ।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो रिटेल निवेशकों का हिस्सा 43.33 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII का हिस्सा 208.21 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB का हिस्सा 258.71 गुना सब्सक्राइब हुआ।
Pranav Constructions का IPO कुल ₹351.03 करोड़ का था। इसमें ₹315.60 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹35.43 करोड़ का ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल था। OFS के तहत निवेशक BioUrja India Infra ने अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचा।
कंपनी ने IPO के लिए ₹118 से ₹124 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। एक लॉट में 120 शेयर थे। यानी ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए कम से कम ₹14,880 लगाने पड़ते।
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Pranav Constructions के IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP भी निवेशकों के बीच चर्चा में रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक GMP करीब 32% के आसपास है। इससे शेयर की संभावित लिस्टिंग प्राइस IPO के ऊपरी प्राइस बैंड से ऊपर रहने का संकेत मिलता है।
हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि GMP अनौपचारिक बाजार संकेतक है। इसमें लिस्टिंग तक बदलाव हो सकता है और यह शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत या रिटर्न की गारंटी नहीं देता।
NSE की वेबसाइट पर IPO अलॉटमेंट स्टेटस देखने के लिए निवेशक इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
BSE की वेबसाइट से IPO का स्टेटस देखने के लिए:
इसके बाद स्क्रीन पर शेयर अलॉटमेंट की जानकारी दिखाई देगी।
KFin Technologies IPO का रजिस्ट्रार है। निवेशक रजिस्ट्रार की वेबसाइट के जरिए भी अपना अलॉटमेंट स्टेटस देख सकते हैं।
इसके लिए:
कंपनी ने IPO से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल के लिए कई उद्देश्य तय किए हैं। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से जुड़े खर्चों को पूरा करने में किया जाएगा।
इसमें सरकारी और वैधानिक मंजूरियां लेने, अतिरिक्त FSI खरीदने और कुछ रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में सदस्यों के वैकल्पिक आवास तथा हार्डशिप कंपनसेशन से जुड़े खर्च शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी कुछ मौजूदा कर्ज के पूरे या आंशिक भुगतान और प्री-पेमेंट के लिए भी रकम का इस्तेमाल करेगी। कंपनी भविष्य में नए रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स हासिल करने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी IPO से मिली रकम का उपयोग करेगी।
Pranav Constructions मुंबई की रियल एस्टेट कंपनी है और इसका मुख्य फोकस MCGM क्षेत्र में रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर है। कंपनी खास तौर पर मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में सक्रिय है।
कंपनी अलग-अलग आय वर्ग के लिए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स विकसित करती है। इनमें इकोनॉमिकल, मिड-इनकम, मास और एस्पिरेशनल हाउसिंग सेगमेंट शामिल हैं।
31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास MCGM क्षेत्र में कुल 65 रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो था। इनमें 28 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके थे, 20 निर्माणाधीन थे और 17 प्रोजेक्ट आगामी थे।
इन सभी प्रोजेक्ट्स का कुल डेवलपेबल एरिया करीब 50.1 लाख वर्ग फुट था। कंपनी के 34 पूरे हो चुके या निर्माणाधीन MCGM रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में कुल 1,864 रेजिडेंशियल यूनिट्स शामिल थीं।
निवेशकों को सलाह है कि अलॉटमेंट और लिस्टिंग से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए NSE, BSE और KFin Technologies की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध अपडेट को ही आधार मानें।