facebookmetapixel
Advertisement
PFC-REC Merger: शेयरों में किया है निवेश, तो कैसे होगा फायदा? नए निवेशक क्या करें?Aarogya Setu 2.0: घर बैठे मिलेगा हेल्थ रिकॉर्ड, डॉक्टर, OPD और आयुष्मान का फायदा; जानें 10 बड़े फीचर्सभारत में वॉटर क्राइसेस बनेगा ₹20 लाख करोड़ निवेश का मौकाICICI Bank Dividend: ICICI Bank के निवेशकों की होगी कमाई! बैंक ने तय की डिविडेंड रिकॉर्ड डेटSIS Share Buyback: ₹478 में खरीदेगी शेयर, 2017 के बाद पांचवीं बार होगा बायबैकभारत के सबसे बड़े IPO के पीछे कैसे तैयार हुआ मुकेश अंबानी का ‘Project Jupiter’? जानें Jio IPO की पूरी कहानीSuzlon की नई 5 MW टरबाइन को लॉन्च के 2 हफ्ते में ही मिला पहला ऑर्डर, शेयर में दिखा उछालUbharta Purvanchal Live: पूर्वांचल की नई उड़ान का रोडमैप, बड़े चेहरे कर रहे बड़ा मंथनदेश की फैक्ट्रियों ने पकड़ी रफ्तार! IIP के आंकड़ों ने दिया बड़ा संकेत, आगे क्या होगा?Fed के रेट कट की आशंका में गिरे सोना-चांदी, ग्लोबल मार्केट में सोना फिर 4,000 डॉलर से नीचे

बाजार में नकदी बढ़ा रहा रिजर्व बैंक

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 9:51 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज व्यवस्था में नकदी बढ़ाने के लिए वैरिएबल रेट रीपो ऑपरेशन चलाया, जबकि सामान्यतया वह नकदी कम करने के लिए वैरिएबल रेट रिवर्स रीपो ऑपरेशन (वीआरआरआर) चलाता है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत उम्मीद से ज्यादा कर संग्रह होने के कारण नकदी कम हो गई थी, जिसे देखते हुए केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है।
केंद्रीय बैंक ने बैंकिंग व्यवस्था को प्रतिदिन 50,000 करोड़ रुपये कर्ज का प्रस्ताव किया है, जिसके एवज में बैंकिंग व्यवस्था ने 65,700 करोड़ के लिए बोली लगाई। कट-आफ दर 4.06 प्रतिशत पर आ गई है और भारित औसत दर 4.10 प्रतिशत है, जो 4 प्रतिशत रीपो रेट से ज्यादा है। भारित औसत को मनी रेट कहते हैं, बैंक इसका इस्तेमाल इंटरबैंक उधारी के लिए करते हैं। यह गुरुवार को 4.3587 पर पहुंच गया, जिससे बैंकिंग व्यवस्था में नकदी के दबाव का पता चलता है।

Advertisement
First Published - January 20, 2022 | 11:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement