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ऑटोमेटिक रिपोर्टिंग में देरी पर खिंचाई

Last Updated- December 15, 2022 | 1:57 AM IST

गैर निष्पादित संपत्तियों (एनपीए), प्रॉविजनिंग, और बैंकिंग नियमक के साथ रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया ऑटोमेटिक करने में देरी को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों की खिंचाई की है। रिजर्व बैंक ने बैंकों से कहा है कि 30 जून 2021 तक वे दिशानिर्देशों का अनुपालन करें।  अगस्त 2011 में बैंकोंं को सलाह दी गई थी कि वे एनपीए की पहचान और संबंधित डेटा व रिटर्न के सृजन को लेकर उचित आईटी सिस्टम बनाएं, जो नियामकीय रिपोर्टिंग व बैंक के अपने एमआईएस जरूरतों के लिए हो। बैंक के मुख्य कार्याधिकारियों को भेजे संदेश में रिजर्व बैंक ने कहा कि तमाम बैंकोंं में अब तक प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित नहीं है।

First Published - September 15, 2020 | 12:22 AM IST

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