facebookmetapixel
Advertisement
TVS Motor का शेयर ऑल टाइम हाई पर, ₹2 लाख करोड़ मार्केट कैप से बस चंद कदम दूरमिडकैप-स्मॉलकैप में पैसा लगाने का सही समय? मोतीलाल ओसवाल ने बताई निवेश की नई रणनीतिAir India को पटरी पर आने में लगेंगे 10 साल! टाटा चेयरमैन ने बताई बड़ी वजहप्रधानमंत्री मोदी का फेसबुक वीडियो हटाने पर IT मंत्रालय ने मेटा से माँगा जवाबचीन के सस्ते AI मॉडल बने अमेरिका के लिए खतरा! जेफरीज की वॉर्निंग, निवेशक क्यों हो जाएं सतर्क?Coal India: Q1 के बाद ब्रोकरेज बंटे, किसी ने दिया ₹475 का टारगेट तो किसी ने दी ‘Reduce’ की सलाहEPFO Update: शादी के बाद भूलकर भी न करें ये गलती, EPF के पैसे मिलने में हो सकती है बड़ी दिक्कतAdani Green Share Price: बैटरी स्टोरेज पर बड़ा दांव, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; आगे क्यों दिख रही दमदार ग्रोथ?अमेरिका में जेनेरिक दवाओं पर 200% टैरिफ! भारतीय फार्मा कंपनियों पर कितना असर?Post Office New Rules: राखी भेजने से पहले जान लें ये जरूरी अपडेट, 1 अगस्त से India Post में लागू होंगे नए नियम

प्रतिफल में गिरावट से मजबूत होगा डेट म्युचुअल फंड का रिटर्न

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 9:19 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंंक ने अपनी मौद्रिक नीति में ब्याज दरें अपरिवर्तित रखी जबकि फंड मैनेजर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे थे। म्युचुअल फंड उद्योग के अधिकारियोंं ने कहा कि आरबीआई की तरफ से यथास्थिति के कारण बॉन्ड प्रतिफल घटने की संभावना है, जो डेट फंडों के रिटर्न में सुधार लाएगा।
आज की यथास्थिति ज्यादातर वैश्विक केंद्रीय बैंकों से आरबीआई को अलग करता है, जो न सिर्फ नकदी को सामान्य बना रहे हैं बल्कि महंगाई को थामने के लिए ब्याज दरें भी बढ़ा रहे हैं। जहां ज्यादातर केंद्रीय बैंकों ने महंगाई को थामने के लिए अपने कदम बढ़ाए, वहीं आरबीआई महंगाई की साइक्लिकल प्रकृति का धैर्य के साथ इंतजार कर रहा है।
एडलवाइस एमएफ के सीआईओ (फिक्स्ड इनकम) धवल दलाल ने कहा, नीतियों को सामान्य बनाने का पहला कदम उठाने के बॉन्ड बाजार के प्रतिभागियों की उम्मीद को धता बताते हुए आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने बाजार के प्रतिभागियों को चौंकाया और आमसहमति से सभी नीतिगत दरों केमामले में यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष में मतदान किया। इसका शायद यह मतलब निकलता है कि अल्पावधि में दरें नहीं बढ़ेंगी।
फंड मैनेजरों को लगता है कि सरकारी प्रतिभूतियों का प्रतिफल आगामी दिनों में नीचे आएगा। पिछले कुछ दिनों में सरकारी प्रतिभूतियों का प्रतिफल तेजी से बढ़ा है क्योंकि सरकार ने राजकोषीय घाटे का लक्ष्य और उधारी लक्ष्य अगले वित्त वर्ष के लिए बढ़ा दिया है।
गुरुवार को 10 वर्षीय सरकारी प्रतिभूतियों का प्रतिफल 6.73 फीसदी पर बंद हुआ, जो बुधवार को 6.81 फीसदी रहा था।

Advertisement
First Published - February 10, 2022 | 11:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement