देश में चुनाव लड़ने वाले राजनेताओं में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या बढ़ती जा रही है। पांच चुनावी चक्रों यानी 2006 से 2026 के दौरान चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधान सभा चुनाव में इस बार जीते कुल उम्मीदवारों में करोड़पतियों की हिस्सेदारी 73.4 प्रतिशत हो गई है, जबकि दो दशक पहले यह 11.8 प्रतिशत ही थी।
इसके विपरीत, इसी अवधि के दौरान कुल करोड़पति उम्मीदवारों में जीतने वाले कुल करोड़पतियों का हिस्सा 49 प्रतिशत से घटकर 25 प्रतिशत रह गया है। पांचों राज्यों में इस दौरान कुल 30,341 लोगों ने चुनाव लड़ा। इनमें से 21 प्रतिशत करोड़पति थे और इनमें से भी 6.3 प्रतिशत ने जीत हासिल की, लेकिन यह उल्लेखनीय है कि थोक मूल्य मुद्रास्फीति के अनुसार आकलन से पता चलता है कि 2011 में एक करोड़ रुपये का मूल्य आज लगभग 56.2 लाख रुपये के बराबर होगा।
कुल विजेताओं में पुदुच्चेरी के करोड़पति विजेताओं का हिस्सा 2006 में 30 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 96 प्रतिशत हो गया है। असम में यह 12% से 84 प्रतिशत तक बढ़ा, जबकि इसी अवधि के दौरान तमिलनाडु का हिस्सा 23 प्रतिशत से बढ़कर 83 प्रतिशत हो गया।
पांच राज्यों में कुल विजेताओं में पार्टी-वार करोड़पति विजेताओं का हिस्सा दर्शाता है कि 2026 के विधान सभा चुनावों में भाजपा, टीवीके और कांग्रेस शीर्ष पर रहे। वर्ष 2006 में केवल कुछ ही उम्मीदवारों की संपत्ति 25 करोड़ रुपये से अधिक थी और ये सभी तमिलनाडु से थे। वर्ष 2026 तक यह संख्या 32.5 गुना बढ़ गई है। अब इनमें से आधे करोड़पति उम्मीदवार तमिलनाडु से है।