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डब्ल्यूईएफ के भारत स्थित संपर्क कार्यालय को जीएसटी से छूट

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Last Updated- December 12, 2022 | 1:37 AM IST

अथॉरिटी फार एडवांस रूलिंग (एएआर) महाराष्ट्र ने कहा है कि विश्व आर्थिक मंच  (डब्ल्यूईएफ) के भारत स्थित संपर्क कार्यालय (एलओ) की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की देनदारी नहीं बनती है, क्योंकि उसकी सेवाएं कारोबार बढ़ाने के लिए नहीं हैं। डब्ल्यूईएफ का एलओ जनहित का, गैर लाभकारी संगठन है, जिसकी स्थापना डब्ल्यूईएफ की सहायता के लिए हुई है, जिससे भारत मेंं चौथी औद्योगिक क्रांति संबंधी गतिविधियां की जा सकें। एएआर ने कहा है कि एलओ द्वारा उसके मुख्यालय से आयातित सेवाएं  कारोबार बढ़ाने के काम नहीं आती हैं, वह ऐसे लेन-देन पर जीएसटी के भुगतान के लिए जवाबदेह नहीं है। एलओ सिर्फविशेष गतिविधियां चला सकता है, जिसकी मंजूरी भारतीय रिजर्व बैंक ने इसकी स्थापना के लिए दी है। साथ ही आवेदक को भारत में केंद्रीय जीएसटी नियम के तहत भारत में पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है। 
 
इसके पहले एएआर ने अलग रूलिंग दिया था, जो संपर्क कार्यालय की प्रकृति पर निर्भर था। केपीएमजी में अप्रत्यक्ष कर पार्टनर हरप्रीत सिंह ने कहा, ‘इसमे यह बात समझने की जरूरत है कि कर की स्थिति को अंतिम रूप देने से पहले यह मूल्यांकन की जरूरत है कि मध्यस्थ के रूप में संपर्क कार्यालय काम करता है या नहीं।’ उदाहरण के लिए महाराष्ट्र एएआर ने दुबई चैंबर आफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री के एलओ को जीएसटी भुगतान करने को कहा था क्योंकि वह दुबई के कारोबारी साझेदारों को भारत के कारोबारियों से जोड़ता है। एएआर ने कहा था कि यह मध्यस्थ है, जिसकी परिभाषा एकीकृत जीएसटी ऐक्ट के तहत की गई है। 

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First Published - August 24, 2021 | 11:19 PM IST

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