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कारोबार के लिए एकल मंजूरी प्रणाली जल्द

Last Updated- December 15, 2022 | 4:04 AM IST

विभिन्न परियोजनाओं की मंजूरी के लिए सरकार से बार-बार संवाद करने का झंझट कम करने के लिए सरकार एक एकल पोर्टल बनाने पर विचार कर रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को यह बात कही। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित ‘ईजिंग डूइंग बिजनेस फॉर आत्मनिर्भर भारत’ कार्यक्रम पर ऑनलाइन डिजिटल सम्मेलन में गोयल ने कहा कि कारोबार करने के लिए नियामकीय एवं नीतिगत स्तर पर एकरूपता एवं स्थिरता होनी चाहिए और सरकार ऐसी स्थिति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने कहा, ‘सरकार वास्तव में एक ही जगह कारोबार के लिए सभी तरह की मंजूरी व्यवस्था शुरू करने पर गंभीरता से काम कर रही है। यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल होगी और इसके तहत एकीकृत कारोबार विधियां उपलब्ध होंगी। इसके अलावा हम जोखिम आधारित स्व-नियमन एवं थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन को भी बढ़ावा देंगे।’
गोयल ने कहा कि जल्द ही लैंड बैंक पोर्टल की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए छह राज्य पहले ही तैयार हो गए हैं। लैंड बैंक पोर्टल में 6 लाख हेक्टेयर जमीन का जिक्र होगा, जिनकी पहचान पहले ही की जा चुकी है। इस पोर्टल के माध्यम से उद्योग के लिए उपलब्ध जमीन की जानकारी का मुआयना आसानी से किया जा सकेगा और बार-बार जमीन का मालिकाना हक रखने वाली एजेंसियों के दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। गोयल ने कहा कि सरकार दूसरे राज्यों को श्रम कानून एवं अनुपालन नियम सरल बनाने में मदद के लिए उन्हें भी साथ लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में श्रम कानून एवं अनुपालन नियम सरल बनाने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, सरकार उसी तर्ज पर इन राज्यों की भी मदद करना चाह रही है। वर्ष 2016 से केंद्र सभी राज्यों को उनके पास उपलब्ध जमीन का नक्शा तैयार करने और लैंड बैंक तैयार करने के लिए कहता रहा है। सरकार को लगता है कि इससे विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी। अधिक प्रोत्साहन पर गोयल ने कहा कि सरकार उद्योगों को अधिक से अधिक प्रात्सोहन देने के लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘एक्टिव फार्मास्युटिकल इन्ग्रेडिऐंट्स (एपीआई) और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित 12 बड़े क्षेत्रों को उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन देने की तैयार कर रही है। सरकार 20 क्षेत्रों को इस योजना का लाभ देना चाहती है।’ गोयल ने उद्योगों से उन क्षेत्रों की पहचान करने के कहा है, जिनमें घरेलू उद्योगों एवं विदेशी निवेशकों के लिए नीतियों को लेकर स्थिरता की जरूरत है।

First Published - July 30, 2020 | 11:10 PM IST

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