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Last Updated- December 11, 2022 | 6:55 PM IST

सरकार ने स्वीकार किया है कि देश में बिजली की मांग पूरी करने के लिए कोयले का भंडार पर्याप्त नहीं है। हालात भांपते हुए कोयला मंत्रालय ने राज्य सरकारों और बिजली उत्पादन  कंपनियों को मॉनसून शुरू होने से पहले कोयले का आयात पूरा करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने बिजली उत्पादन कंपनियों को आगाह किया है कि अगर उन्होंने इस महीने के अंत तक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कोयले की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु इसमें 10 प्रतिशत मिश्रण (ब्लेंडिंग) के लिए कोयले का आयात नहीं किया तो यह सीमा बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी जाएगी।
मंत्रालय का यह आदेश केंद्र, राज्य और स्वतंत्र बिजली उत्पादकों/निजी इकाइयों के लिए लागू होगा। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि अगर देश में उपलब्ध कोयले में ब्लेंडिंग 15 जून तक शुरू नहीं हुई तो इसमें चूक करने वाले ताप बिजली संयंत्रों के लिए स्थानीय कोयले का आवंटन 5 प्रतिशत और घटा दिया जाएगा।
देश में इस समय बिजली संयंत्र कोयले की किल्लत से जूझ रहे हैं और पूरे देश में केवल सात दिनों के इस्तेमाल के लायक कोयला बचा है। 173 बिजली संयंत्रों में से 97 में तो सात दिनों से भी कम कोयला बचा है। करीब 50 संयंत्र ऐसे हैं जहां 4 दिनों से भी कम कोयला भंडार है।
कुछ संयंत्र ऐसे भी हैं जहां कोयला लगभग समाप्त हो गया है। मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देश में कहा गया है, ‘अगर बिजली उत्पादक  कंपनियों ने मिश्रण के लिए कोयले का ऑर्डर 31 मई 2022 तक नहीं दिया और आयातित कोयला बिजली संयंत्रों में 15 जून तक पहुंचना शुरू नहीं हुआ तो 31 अक्टूबर 2022 तक की बाकी अवधि में उनके लिए ब्लेंडिंग की सीमा बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी जाएगी।’
केंद्रीय कोयला मंत्री आर के सिंह ने राज्य सरकारों को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि राज्यों को अपनी बिजली उत्पाद कंपनियों को मिश्रण के लिए कोयला आयात करने की दिशा में तत्काल कदम उठाने के निर्देश देने चाहिए। सिंह ने अपने पत्र में कहा, ‘बिजली की मांग और खपत में बढ़ोतरी के बाद कोयले से बिजली उत्पादन बढ़ गया है। बिजली संयंत्रों में अब कोयले की अधिक खपत हो रही है। बिजली संयंत्रों के लिए उपलब्ध कोयला पर्याप्त पात्रा में उपलब्ध नहीं है। मॉनसून से पहले कोयले का न्यूनतम आवश्यक भंडार सुनिश्चित करने के लिए बिजली संयंत्रों को सभी संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहिए।’
बिजली मंत्रालय ने सभी बिजली उत्पादक कंपनियों को अक्टूबर 2022 तक अपने बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के लिए कहा है। पिछले सप्ताह मंत्रालय ने आयातित कोयले से चलने वाले सभी बिजली संयंत्रों को परिचालन शुरू करने का आदेश दिया था। मगर मंत्रालय ने कहा कि मिश्रण के लिए राज्यों द्वारा कोयले का आयात पर्याप्त नहीं है।

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First Published - May 19, 2022 | 12:46 AM IST

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