facebookmetapixel
Advertisement
विकास के अगले चरण के लिए भूमि व कारोबारी माहौल में सुधार जरूरी: प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में सरकार के 100 दिन, एमजीआर की याद दिला रहे विजयपश्चिम बंगाल में कारोबार को बढ़ावा, नई सरकार के पहले 100 दिन में निवेश पर जोर1991 के आ​र्थिक सुधारों से उद्योग को मिला प्रतिस्पर्धा का भरोसा, औद्योगिक और व्यापार नीति में तालमेल बिठाना जरूरीऑफर फॉर सेल के जरिये जुटाई गई रकम में उफान, LIC का अहम योगदानQ1 Results: लिस्टेड कंपनियों के मुनाफे में 16% की तेज बढ़त, BFSI और मेटल सेक्टर का बड़ा योगदानRBI के फैसले से बैंकों में हलचल, FCNR(B) जमा जुटाने की रफ्तार बढ़ीबाजार हलचल: प्री-आईपीओ शेयर, नया SLB कॉन्ट्रैक्ट और UPI नियम पर नजरजुलाई में बायोकॉन बनी MF की पसंदीदा स्मॉल-कैप खरीद, ₹3,300 करोड़ का निवेशराजस्व और मार्जिन के मोर्चे पर अपोलो से आगे मैक्स, मरीजों की बढ़ती संख्या से ग्रोथ को सहारा

नियमन वैसे, सरकार चाहे जैसे

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 4:41 PM IST

 
॰ इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया की स्व-नियामकीय संस्थाओं को भी जीएसी के अनुरूप काम करने का निर्देश दिया है
॰ आईटी नियम, 2021 के मुताबिक मुताबिक 50 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं वाले सोशल मीडिया मंच के लिए एसएसएमआई की जरूरत होती है जो शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करता है।
॰ लेकिन सरकार समर्थित जीएसी शिकायत अधिकारियों के फैसले के खिलाफ अपना फैसला कर सकता है।
॰ कई शिकायत अपील संबंधी समिति का होगा प्रावधान जो इंटरमीडियरीज के शिकायत अधिकारी के फैसले के खिलाफ उपयोगकर्ताओं की अपील पर अपनी सक्रियता दिखाएंगी
सरकार ने सोशल मीडिया के लिए शिकायत अपील संबंधी समिति (जीएसी) बनाने की अपनी योजना पर कायम रहने का फैसला किया है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि किसी भी इंटरमीडियरीज की स्व-नियामकीय संस्था को सरकार समर्थित जीएसी जैसे समान तंत्र पर काम करना होगा।
आईटी नियम, 2021 के मुताबिक 50 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं वाले सोशल मीडिया मंच के लिए महत्वपूर्ण सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज (एसएसएमआई) की जरूरत होती है ताकि सामग्री से संबंधित शिकायतों पर निर्णय लेने के लिए एक शिकायत अधिकारी की नियुक्ति की जा सके है। इस साल जून में, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने जीएसी के गठन का प्रस्ताव रखा जो शिकायत अधिकारियों के फैसले के खिलाफ अपना फैसला कर सकता है।
आईटी नियम में संशोधन पर सार्वजनिक परामर्श की बात पर इलेक्ट्रॉनिकी एवं आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार सोशल मीडिया के स्व-नियमन शिकायत निवारण के विचार के लिए तैयार थी क्योंकि कुछ एसएसएमआई ने जीएसी को लेकर चिंता जताई थी।
नाम न बताने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) विदेशी सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज से मिली जानकारी पर काम कर रहा था। उन्होंने कहा, ‘स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) भारत के बाहर से काम करने वाली कुछ ही कंपनियों को कवर कर सकता है। अगर एसआरओ मॉडल लागू होता है, तब यह केवल कुछ सोशल मीडिया मंच के लिए ही लागू किया जाएगा।’
उन्होंने कहा कि स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) जीएससी मॉडल के साथ बना रह सकता है जिसका प्रस्ताव मंत्रालय ने दिया था। अधिकारी ने कहा, ‘अब केवल सरकार समर्थित जीएसी ही होगा कोई एसआरओ नहीं होगा। अब केवल यही दो विकल्प हैं। अब तक हमने अपने प्रस्ताव दे दिए हैं और हम इन प्रस्तावों पर टिके हैं।’
चंद्रशेखर ने हाल ही में मीडिया के साथ बातचीत के दौरान कहा कि कई शिकायत अपील संबंधी समिति होंगी जो इंटरमीडियरीज के शिकायत अधिकारी के फैसले के खिलाफ उपयोगकर्ताओं की अपील पर अपनी सक्रियता दिखाएंगी।
सरकारी अधिकारी ने कहा कि जीएसी की तरह ही समान मॉडल पर एसआरओ का गठन होना चाहिए। ऐसे में कुछ कंपनियों के लिए यह अप्रत्यक्ष रूप से जीएसी बना जाएगा। उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर कानूनी रूप से किसी भी इंटरमीडियरी के खिलाफ किसी व्यक्ति के पास समान विकल्प मौजूद होंगे।’
नए फैसले से नागरिक समाज समूहों में काफी सतर्कता देखी जा रही है। सीयूटीएस इंटरनैशनल में निदेशक (शोध) अमोल कुलकर्णी का कहना है कि एसआरओ और सरकार समर्थित जीएसी मॉडल के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है। हालांकि उनके मुताबिक यह अस्थायी व्यवस्था हो सकती है जब तक कि सरकार नए आईटी कानून लेकर नहीं आती।
कुलकर्णी ने कहा, ‘हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि उद्योग खुद के बारे फैसला सुनाने वाला न बने और ठीक इसी तरह सरकार भी उद्योग के ऊपर नियंत्रक की तरह अपना एजेंडा नहीं आगे बढ़ा रही है।’
उन्होंने कहा, ‘एसआरओ में अन्य प्रासंगिक हितधारकों के साथ पर्याप्त प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित करना होगा मसलन इसमें विश्वसनीय उपभोक्ता समूहों, विषय विशेषज्ञों, स्वतंत्र रूप से तथ्यों की जांच करने वाले आदि भी शामिल हों ताकि यह पक्षपाती न हो।’
 

Advertisement
First Published - August 11, 2022 | 12:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement