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संपत्ति कार्ड ‘आत्मनिर्भरता’ की दिशा में बड़ा कदम : प्रधानमंत्री

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:52 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्वामित्व’ योजना के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संपत्ति कार्डों का रविवार को भौतिक वितरण शुरू किया और कहा कि यह ग्रामीण भारत को बदलने वाला ‘ऐतिहासिक कदम’ है।

मोदी ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण अपनी जमीन और संपत्ति को वित्तीय पूंजी के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे, जिसके एवज में वे बैंकों से कर्ज और अन्य वित्तीय लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों में भूस्वामित्व को लेकर विवाद समाप्त होगा।

मोदी ने स्वामित्व (ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत तकनीक के साथ गांवों का सर्वेक्षण एवं मानचित्रण) योजना के कई लाभार्थियों से बातचीत की और कहा कि यह देश को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने स्वामित्व योजना की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा, ‘दुनियाभर के विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया है कि संपत्ति स्वामित्व अधिकार देश के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।’

मोदी ने कहा कि विश्व में केवल एक-तिहाई जनसंख्या के पास उनकी संपत्ति का कानूनी रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि गांवों में रह रहे युवा अब अपनी संपत्तियों के आधार पर बैंकों से ऋण ले सकते हैं और भूमि स्वामित्व के स्पष्ट अधिकार भारत जैसे विकासशील देश के लिए आवश्यक हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संपत्ति अधिकार युवाओं को आत्मविश्वास देंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बनेंगे। इस योजना के लाभार्थी छह राज्यों के 763 गांवों से हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के 100, मध्य प्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के दो गांव शामिल हैं।

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First Published - October 11, 2020 | 11:28 PM IST

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